गाजियाबाद की मंजू ने पहली बार किया बंजर जमीन पर लाल अंगूर की खेती, जानिए सफलता के पीछे का सच

गाजियाबाद की मंजू ने पहली बार किया बंजर जमीन पर लाल अंगूर की खेती, जानिए सफलता के पीछे का सच

Grapes Cultivation Story: दुहाई इंडस्ट्रियल एरिया की रहने वाली मंजू कश्यप ने बताया कि लाल मोती अंगूर (Red Pearl Grapes) लाल रंग के, बिना बीज वाले (Seedless) अंगूरों की एक खास और आकर्षक किस्म है. जब इसकी बेल पर फल लगते हैं, तो चमकीले लाल रंग के अंगूर बड़े-बड़े गुच्छों में इस तरह लटकते हैं कि वे बिल्कुल लाल मोतियों जैसे दिखाई देते हैं.

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गाजियाबाद की मंजू ने पहली बार किया बंजर जमीन पर लाल अंगूर की खेती, जानिए सफलता के पीछे का सचगाजियाबाद की महिला किसान मंजू कश्यप

गाजियाबाद की मंजू कश्यप ने बंजर जमीन पर अंगूर की बागवानी का सफल प्रयोग कर अपने बगीचे में लाल मोती अंगूर की बेल तैयार की है. आमतौर पर भारत में अंगूर की खेती महाराष्ट्र और नासिक जैसे इलाकों में बड़े स्तर पर होती है, लेकिन मंजू ने करीब 5 साल पहले पौधा लगाकर इसे गाजियाबाद की जलवायु में उगाने का प्रयास किया. इस अनोखे सफल प्रयोग के देखने और चखने कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के अधिकारी, किसान और कृषि सेक्टर से पढ़ाई कर रहे छात्रों का दल दुहाई इंडस्ट्रियल एरिया पहुंच रहे हैं. मछली पालन, मुर्गी पालन और सब्जी उत्पादन से सफर शुरू करने वाली 'लेडी फार्म' मंजू आज मिसाल बन चुकी है.

अंगूर की बागवानी आय का बेहतर विकल्प

किसान तक से बातचीत में मंजू कश्यप ने बताया कि तलाब के आसपास फेंसिंग वाली खाली जगह पर बेलदार वाली फसल उगाई जा सकती है. इसी को ध्यान में रखते हुए हमने करीब दो साल पहले पहली बार बंजर जमीन पर अंगूर की बागवानी शुरू की. इस अंगूर की फसल से जहां एक तरफ हरियाली भी रहेगी दूसरा आय का बेहतर जरिया भी साबित होगा. उन्होंने बताया कि मचान के तहत मल्टी फार्मिंग की जाती है. हमने भी अंगूर की खेती इसी खास तकनीक से की. आज पेड़ पर लाल अंगूर के बहुत सारे फल आ गए हैं. वहीं, पौधे की समय-समय पर कटिंग, जैविक खाद और जड़ों की सफाई से वह इसकी देखभाल करती हैं. 

लाल मोती अंगूर की खासियत

दुहाई इंडस्ट्रियल एरिया की रहने वाली मंजू कश्यप ने बताया कि लाल मोती अंगूर (Red Pearl Grapes) लाल रंग के, बिना बीज वाले (Seedless) अंगूरों की एक खास और आकर्षक किस्म है. जब इसकी बेल पर फल लगते हैं, तो चमकीले लाल रंग के अंगूर बड़े-बड़े गुच्छों में इस तरह लटकते हैं कि वे बिल्कुल लाल मोतियों जैसे दिखाई देते हैं.

ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की मिसाल

यह सफलता इसलिए अहम है क्योंकि यह...ग्रामीण महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर महिलाएं और कृषि स्टार्टअप के लिए प्रेरणा है. मंजू का कहना है कि सही जानकारी और सरकारी योजनाओं का फायदा उठाकर कोई भी महिला आत्मनिर्भर बन सकती है. मंजू कश्यप की कहानी दिखाती है कि खेती अब सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि बंपर मुनाफे वाला बिजनेस साबित हो सकता है.

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