फसल बीमा योजनाजम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में फसल बीमा योजना लागू नहीं होने को लेकर किसानों और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के कार्यकर्ताओं ने रविवार को विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने जम्मू-कश्मीर सरकार पर किसानों और बागवानों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की. प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई PDP कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया.
अधिकारियों के मुताबिक, PDP कार्यकर्ताओं और कुछ किसानों ने शोपियां शहर में एक जगह इकट्ठा होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी कि शोपियां में किसानों और बागवानों के लिए फसल बीमा योजना लागू की जाए, ताकि प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर उन्हें आर्थिक नुकसान से राहत मिल सके.
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना था कि इस साल शोपियां जिले में मौसम की मार से खेती और बागवानी को काफी नुकसान पहुंचा है. भारी बारिश और ओलावृष्टि के कारण कई इलाकों में फसलें प्रभावित हुई हैं. खासकर सेब और चेरी जैसे बागवानी उत्पादों को नुकसान होने की बात कही गई है. किसानों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में बड़ी संख्या में परिवार खेती और बागवानी पर निर्भर हैं. ऐसे में प्राकृतिक आपदा के कारण फसल खराब होने पर उनकी पूरी साल की मेहनत और कमाई प्रभावित हो जाती है. फसल बीमा योजना होने से किसानों को ऐसे नुकसान की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा मिल सकती है.
अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शन के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक वहां से हटने की अपील की. हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने वहां से जाने से इनकार कर दिया. इसके बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया. पुलिस की कार्रवाई के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति भी बनी रही. प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की गई.
पूर्व PDP विधायक एजाज अहमद मीर ने दावा किया कि उन्हें प्रदर्शन से पहले ही नजरबंद कर दिया गया था. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि नजरबंदी के बावजूद किसानों की आवाज को दबाया नहीं जा सका. मीर के मुताबिक, बड़ी संख्या में फल उत्पादक शोपियां के घंटा घर पर पहुंचे और फसल बीमा योजना की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा कि किसानों की भागीदारी से साफ है कि सेब और चेरी के लिए फसल बीमा की मांग किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के हजारों किसानों और बागवानों की सामूहिक मांग है.
प्रदर्शनकारियों ने हाल की ओलावृष्टि और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को पूरा मुआवजा देने की मांग भी उठाई. किसानों का कहना है कि मौसम की मार से हुए नुकसान का सही आकलन कर प्रभावित परिवारों को जल्द आर्थिक मदद दी जानी चाहिए. फिलहाल किसानों की मांग फसल बीमा योजना लागू करने और प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का उचित मुआवजा देने पर केंद्रित है. प्रदर्शन के बाद शोपियां में किसानों और सरकार के बीच यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है.
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