फार्मर ID कार्डमहाराष्ट्र के सूखा प्रभावित नांदेड़ जिले में प्रशासन ने जेल में बंद विचाराधीन कैदियों के परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए एक खास पहल की है. इसके तहत नांदेड़ जिला जेल में विशेष कैंप लगाकर 42 विचाराधीन कैदियों के फार्मर ID कार्ड बनाए गए. इसके अलावा 26 अन्य लोगों की कर्जमाफी योजना से जुड़ी ई-KYC प्रक्रिया भी अपडेट की गई. इस पहल का मकसद ये है कि परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य जेल में होने के बावजूद उसके परिवार को खेती और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलता रहे.
अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार को नांदेड़ जिला जेल में इस विशेष कैंप का आयोजन किया गया. इस दौरान जेल में बंद विचाराधीन कैदियों के लिए फार्मर ID कार्ड बनाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई. दरअसल, किसान परिवारों के लिए खेती से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में किसान पहचान पत्र और जरूरी दस्तावेज अहम भूमिका निभाते हैं. परिवार का कमाने वाला सदस्य जेल में होने पर कई बार इन प्रक्रियाओं को पूरा करना मुश्किल हो सकता है. ऐसे में प्रशासन की इस पहल से प्रभावित परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है.
फार्मर ID कार्ड केंद्र सरकार की एग्रीस्टैक (AgriStack) पहल के तहत बनाए जा रहे हैं. इसका उद्देश्य किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना और उन्हें कृषि सेवाओं और सरकारी योजनाओं से जोड़ना है. फार्मर ID कार्ड के जरिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN), फसल बीमा, कृषि लोन, कर्जमाफी और खेती से जुड़ी अलग-अलग सब्सिडी योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया आसान हो सकती है. हालांकि, इन योजनाओं का लाभ पाने के लिए संबंधित योजना की पात्रता और अन्य जरूरी शर्तों को पूरा करना भी आवश्यक है. इस पहल से उन परिवारों को विशेष मदद मिलने की उम्मीद है, जिनके घर का मुख्य कमाने वाला सदस्य जेल में बंद है और परिवार खेती-किसानी पर निर्भर है.
महाराष्ट्र का नांदेड़ जिला इस समय सूखे की समस्या से प्रभावित है. राज्य सरकार ने जिले की 16 तहसीलों में से 14 को सूखाग्रस्त घोषित किया है. ऐसे हालात में किसानों और खेती पर निर्भर परिवारों के लिए सरकारी सहायता और कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच आसान होना महत्वपूर्ण है. जेल में विशेष कैंप लगाकर फार्मर ID कार्ड बनाने और ई-KYC अपडेट करने की यह पहल इसी दिशा में एक कदम है. (PTI)
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