महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले मिलेंगे 5-5 हजार रुपये, CM फडणवीस का ऐलान

महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले मिलेंगे 5-5 हजार रुपये, CM फडणवीस का ऐलान

महाराष्ट्र सरकार ने सूखा प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले 5,000 रुपये की अंतरिम आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि केंद्र से दिवाली से पहले सहायता मिलने की उम्मीद नहीं है.

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महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले मिलेंगे 5-5 हजार रुपये, CM फडणवीस का ऐलानमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र सरकार ने सूखा प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले 5,000 रुपये की अंतरिम आर्थिक मदद देने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि केंद्र सरकार से दिवाली से पहले सहायता मिलने की उम्मीद नहीं है. यह फैसला राज्य में सूखे की स्थिति को देखते हुए लिया गया है. वहीं, राज्‍य सरकार ने 40 और तालुकों को सूखा प्रभावित सूची में शामिल किया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी. इसके साथ ही राज्य में सूखा प्रभावित तालुकों की संख्या बढ़कर 305 हो गई है, जबकि महाराष्ट्र में कुल 358 तालुके हैं.

पहले 265 तालुकों में घोषित हुआ था सूखा

राज्य सरकार ने पिछले महीने बारिश की कमी के कारण 265 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया था. अब 40 और तालुकों को इस सूची में शामिल किया गया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अनुसार, इन तालुकों के किसान सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए घोषित सरकारी सहायता का लाभ उठा सकेंगे.

किसानों के लिए राहत उपायों की घोषणा

महाराष्ट्र सरकार ने सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए फसल लोन के पुनर्गठन, भूमि राजस्व में छूट और बिजली बिलों में रियायत जैसे राहत उपायों की घोषणा की थी. नए तालुकों को सूखा प्रभावित सूची में शामिल किए जाने के बाद वहां के किसान भी संबंधित सरकारी सहायता का लाभ उठा सकेंगे.

3.5 लाख अतिरिक्त किसानों को कर्ज राहत

मुख्यमंत्री ने बताया कि निर्धारित कर्ज राहत भुगतान के लिए 3.5 लाख अतिरिक्त किसानों की प्रमाणित सूची तैयार कर प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है. सूखा प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को राहत देने के लिए फसल ऋण के पुनर्गठन, भूमि राजस्व में छूट और बिजली बिलों में सब्सिडी जैसे उपाय लागू किए गए हैं. सरकार का उद्देश्य सूखे के कारण आर्थिक दबाव झेल रहे किसानों को राहत पहुंचाना है.

किसानों के बच्चों को फीस में छूट

फडणवीस ने कहा कि 1992 के सरकारी प्रस्ताव में किसानों के बच्चों को शैक्षणिक फीस में छूट देने से जुड़ी पुरानी शर्तें हटा दी गई हैं. इससे सूखा प्रभावित क्षेत्रों में फीस छूट का लाभ सभी पात्र किसानों के बच्चों को मिल सकेगा. इसके अलावा, जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों और ऋण समितियों को किसानों से जबरन कर्ज वसूली, उत्पीड़न या अनावश्यक दबाव बनाने के खिलाफ सख्त चेतावनी दी गई है. निजी बैंकों और वित्तीय संस्थानों के मामले में भी इसी तरह के कदम उठाने की प्रक्रिया जारी है.

बकाया बिजली बिलों की वसूली पर रोक

मुख्यमंत्री के मुताबिक, लंबित बिजली बिलों के भुगतान के लिए किसानों पर जबरन वसूली या दबाव बनाने की अनुमति नहीं है. राज्य की नीति के तहत 7.5 हॉर्सपावर तक के कृषि पंपों को मुफ्त बिजली दी जा रही है. सरकार ने सूखे की स्थिति में किसानों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए इन राहत उपायों को लागू करने की बात कही है.

मराठवाड़ा में भूजल स्तर गिरा

CM फडणवीस ने बताया कि मराठवाड़ा के निगरानी कुओं में भूजल स्तर 3 मीटर से नीचे चला गया है. ऐसे में अक्टूबर और नवंबर में ही पानी के टैंकर तैनात करने की जरूरत पड़ सकती है. उन्होंने कहा कि पानी की आपूर्ति के लिए लगाए जाने वाले सभी टैंकरों की निगरानी जीपीएस के जरिए की जाएगी, ताकि उनकी आवाजाही और वितरण पर नजर रखी जा सके.

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पेयजल आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए करीब 16,000 अवैध जल कनेक्शन काटे गए हैं. उन्होंने कहा कि पानी के अनधिकृत दोहन के खिलाफ सरकार की नीति सख्त है. सूखे के दौरान पेयजल की उपलब्धता बनाए रखने के लिए जल संसाधनों के इस्तेमाल पर निगरानी बढ़ाई जा रही है.

90 दिन से 7 महीने तक चारे का भंडार

राज्य में चारे का उपलब्ध भंडार क्षेत्र के हिसाब से 90 दिन से लेकर सात महीने तक का है. मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन इलाकों में सिंचाई या बांधों से पानी उपलब्ध है, वहां किसानों को रबी ज्वार और चारा फसलों की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. राज्य सरकार ने किसानों की ओर से उत्पादित पूरे चारे को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है.

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि महाराष्ट्र कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में 25 साल पूरे करने पर उन्हें बधाई देने के लिए एक प्रस्ताव भी पारित किया. नरेंद्र मोदी 7 अक्टूबर 2001 से लगातार सरकार के प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं. उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में तीन कार्यकाल पूरे किए और इसके बाद तीन लोकसभा चुनाव जीतकर देश के प्रधानमंत्री बने. (इनपुट- मुस्‍तफा शेख)

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