Farmers News: किसानों के नाम रहेगा साल 2026, MP सरकार का रोडमैप तैयार, केंद्र के सामने रखी बड़ी मांग

Farmers News: किसानों के नाम रहेगा साल 2026, MP सरकार का रोडमैप तैयार, केंद्र के सामने रखी बड़ी मांग

मध्यप्रदेश सरकार ने 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' बनाने का बड़ा फैसला लिया है. CM मोहन यादव ने इसे मिशन मोड में लागू करने का रोडमैप बताया. इधर उद्यानिकी और फूड प्रोसेसिंग के लिए केंद्र से हजारों करोड़ के बजट और योजनाओं के विस्तार की मांग तेज हो गई है.

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किसानों के नाम रहेगा साल 2026, MP सरकार का रोडमैप तैयार, केंद्र के सामने रखी बड़ी मांगसीएम मोहन यादव ने अफसरों संग की उच्‍चस्तरीय बैठक

मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाने का स्पष्ट रोडमैप तैयार कर लिया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में सीनियर अधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में कहा कि राज्य के विकास की अगली गति सीधे किसानों की समृद्धि से जुड़ी होगी. उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्ष प्रदेश के लिए उपलब्धियों से भरे रहे हैं और अब जरूरत है कि विकास गतिविधियों और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत किया जाए.

15 से ज्‍यादा विभाग करेंगे मिशन मोड में काम

मुख्यमंत्री ने कहा कि “समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश” के लक्ष्य को हासिल करने के लिए वर्ष 2026 में काम मिशन मोड में किया जाएगा. यह केवल कृषि विभाग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि 15 से अधिक विभागों का संयुक्त अभियान होगा. इसमें कृषि एवं किसान कल्याण, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, सहकारिता, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन, ऊर्जा, वन, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम, औद्योगिक नीति, मंडी बोर्ड, बीज निगम, एमपी एग्रो, दुग्ध संघ और आजीविका मिशन जैसी संस्थाएं समन्वित रूप से काम करेंगी.

बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि शासकीय कार्यालयों में 5 दिवसीय कार्य सप्ताह के बावजूद कार्य संस्कृति में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी. उन्होंने सुबह 10 बजे कार्य प्रारंभ सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक और तकनीकी निगरानी व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए. उन्‍होंने कहा कि कि समयबद्ध और अनुशासित कार्य प्रणाली से योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक तेजी से पहुंचेगा.

क्‍या है संकल्प से समाधान अभियान?

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 12 जनवरी से शुरू होने वाले “संकल्प से समाधान अभियान” को किसान कल्याण वर्ष की दिशा में बड़ा कदम बताया. यह अभियान 106 प्रमुख हितग्राहीमूलक योजनाओं पर केंद्रित होगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घर-घर जाकर आवेदन लेने से लेकर जिला स्तर तक शिविरों के माध्यम से 31 मार्च 2026 तक सभी आवेदनों का अनिवार्य निराकरण किया जाए. सरकार का उद्देश्य यह है कि किसान, ग्रामीण और जरूरतमंद वर्ग योजनाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाएं.

उद्यानिकी मंत्री ने केंद्रीय मंत्री चौहान से क्‍या मांगा?

किसान कल्याण वर्ष की नीति के साथ उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को लेकर भी राज्य सरकार ने केंद्र के सामने बड़ी मांगें रखी हैं. उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के लिए करीब 1000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजट आवंटन की मांग की.

इसपर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया. मंत्री कुशवाह ने बताया कि मध्यप्रदेश उद्यानिकी के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है. वर्ष 2005 में जहां उद्यानिकी का रकबा केवल 4 लाख हेक्टेयर था, वह 2025 में बढ़कर 28 लाख हेक्टेयर हो गया है. सरकार का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में इसे 33 लाख हेक्टेयर तक ले जाना है.

वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाते हुए उद्यानिकी क्षेत्र में 1.5 लाख हेक्टेयर विस्तार, एक लाख हेक्टेयर में सूक्ष्म सिंचाई और एक लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता विकसित करने की योजना है. इसके साथ ही राज्य में मखाना की खेती को नवाचार के रूप में बढ़ावा देने, केला, संतरा, आलू, प्याज, लहसुन, मिर्च जैसी क्लस्टर आधारित फसलों के साथ ब्लूबेरी और डच रोज जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को प्रोत्साहित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है. 

फूड प्रोसेसिंग को लेकर क्‍या डिमांड उठाई ?

उद्यानिकी मंत्री ने केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान से भी मुलाकात कर प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना को अगले 5 वर्षों तक बढ़ाने का प्रस्ताव सौंपा. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में इस योजना के तहत 12 हजार से ज्‍यादा मामले मंजूर हो चुके हैं, जिनमें महिलाएं, किसान और युवा बड़ी संख्या में शामिल हैं. राज्य ने अनुदान सहायता को 35 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 से 50 प्रतिशत करने और खाद्य प्रसंस्करण के लिए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान स्थापित करने की मांग भी रखी है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

1. 2026 को मध्यप्रदेश में क्या विशेष वर्ष मनाया जा रहा है?

किसान कल्याण वर्ष, थीम- "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश"

2. इस वर्ष का मुख्य लक्ष्य क्या है?

किसानों की आय बढ़ाकर प्रदेश को समृद्ध बनाना

3. कितने विभाग मिलकर काम करेंगे?

15 से अधिक विभाग मिशन मोड में समन्वित रूप से

4. संकल्प से समाधान अभियान क्या है और कब चलेगा?

12 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक, 106 योजनाओं के आवेदनों का घर-घर और शिविरों से निराकरण

5. इस अभियान से किसानों को क्या फायदा?

दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, लाभ सीधे घर तक पहुंचेगा

6. उद्यानिकी क्षेत्र में मध्यप्रदेश का अगला लक्ष्य क्या है?

रकबा 28 लाख से बढ़ाकर 33 लाख हेक्टेयर करना

7. 2026 में उद्यानिकी की प्रमुख प्‍लान क्या हैं?

1.5 लाख हेक्टेयर विस्तार, 1 लाख हेक्टेयर सूक्ष्म सिंचाई और 1 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त भंडारण

8. किन फसलों को विशेष बढ़ावा मिलेगा?

मखाना, केला, संतरा, आलू-प्याज-लहसुन-मिर्च क्लस्टर और ब्लूबेरी, डच रोज जैसी उच्च मूल्य वाली फसलें

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