
यूपी के 75 जनपदों की यात्रा का शाहजहांपुर जनपद का पुवायां गांव 61वां पड़ाव रहा. 60 जिलों की यात्रा सम्पन्न करने के बाद, जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर राजकीय उद्यान पौधशाला बरगदिया में जब किसान कारवां पहुंचा तो ग्रामीणों के बीच एक अलग ही उत्साह देखने को मिला. वहीं, कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में हो रहे बदलाव तथा सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को लेकर केवीके, कृषि विभाग एवं पशुपालन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किसानों को जानकारी दी गई. किसानों की आय दोगुनी से तिगुनी करने के उपाय बताए गए और उद्योग आधारित कृषि अपनाने की सलाह दी गई.
किसान कारवां कार्यक्रम में केवल कृषि वैज्ञानिक और अधिकारी ही शामिल नहीं रहे, बल्कि उर्वरक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखने वाले इफ्फको और चंबल फर्टिलाइजर के प्रतिनिधियों ने भी किसानों को उर्वरकों के सही उपयोग के साथ अपने विभिन्न उत्पादों की जानकारी दी. कार्यक्रम के दौरान किसानों के मनोरंजन के लिए सलमान जादूगर ने अपने जादू के माध्यम से खेती और पशुपालन से जुड़ी जानकारियां रोचक ढंग से प्रस्तुत कीं. इसके अलावा, 12 किसानों को लकी ड्रॉ के माध्यम से नकद राशि भी वितरित की गई.

पहला चरण: केवीके शाहजहांपुर के उद्यान वैज्ञानिक डॉ. महेश कुमार ने किसानों को आम के फल गिरने को लेकर सुझाव दिया कि किन दवाओं और किस विधि से यदि किसान आम के बगीचे का देखरेख करते हैं तो फल नहीं गिरेगा. आगे उन्होंने कहा कि बगीचे में हल्का पानी हमेशा देना चाहिए. अधिक पानी देने पर और कम पानी रहने पर भी फल गिरते हैं, इसलिए किसान इस बात का ध्यान दें कि बगीचे में सिंचाई एक मीडियम तरीके से हो.इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आम में पोटाश का छिड़काव हर 15–15 दिनों के अंतराल पर करते रहें. इससे अच्छे फल आते हैं और फल गिरने की संभावनाएं कम हो जाती हैं.

दूसरा चरण में इफको के प्रतिनिधि राम रत्न सिंह ने किसानों को नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, नैनो जिंक सहित अन्य उत्पादों के बारे में विस्तार से बताया. इसके साथ ही उन्होंने सागरिका के बारे में किसानों को जानकारी दी. आगे उन्होंने कहा कि खेतों की उर्वरा शक्ति अब खत्म हो रही है, इसके लिए अब किसानों को अपनी खेती में बदलाव करना होगा, साथ ही उर्वरकों का सही उपयोग भी करना होगा.

तीसरे चरण में जिला गन्ना अधिकारी जितेंद्र कुमार मिश्रा ने गन्ना की खेती से जुड़े विभिन्न विषयों के बारे में किसानों को अवगत कराया. आगे उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में जिले में गन्ना की खेती का क्षेत्रफल बढ़ेगा और किसान गन्ना की खेती करें और एक अच्छी कमाई करें. इसके साथ उन्होंने गन्ना के 0238 के आच्छादन पर रोक लगाने का किसानों से अनुरोध किया.

चौथा चरण: चंबल फर्टिलाइजर एंड केमिकल लिमिटेड के प्रतिनिधि आशुतोष कटियार ने ‘उत्तम प्रणाम’ और ‘उत्तम सुपरराइजा’ उत्पादों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ये दोनों जैव-उत्पाद किसानों की आय बढ़ाने में सहायक हैं और इनके उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी बनी रहती है. ये उत्पाद रसायन-मुक्त हैं और खेत की सेहत को नुकसान नहीं पहुंचाते. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि चंबल फर्टिलाइजर की ओर से मिट्टी की जांच निशुल्क कराई जाती है. आगे उन्होंने कहा कि किसानों को उर्वरकों का सही उपयोग करना चाहिए.

पांचवां चरण: जिला कृषि रक्षा अधिकारी संजय कुमार ने किसानों से खेतों में रासायनिक उर्वरकों का कम प्रयोग करने का अनुरोध किया. उन्होंने बताया कि यूरिया का ज्यादा उपयोग सीधे बीमारी बढ़ाने का काम करता है. आगे उन्होंने किसानों को गोबर खाद प्रयोग करने पर जोड़ देते हुए कहा कि अगर गोबर खाद का उपयोग किसान करता है तो रसायनों का इस्तेमाल अपने आप कम हो जाएगा. इसके साथ ही किसानों को यह प्रयास करने की जरूरत है कि खेतों में कम से कम यूरिया का इस्तेमाल करें.

छठा चरण: पशुपालन विभाग के अधिकारी डॉ. राज भार्गव ने किसानों को पशुओं में लगने वाले कीड़ों के बारे में जानकारी दी. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि साल में दो बार कीड़ों की दवा पशुओं को देनी चाहिए. वहीं, जानवरों को एक ही कीड़ों की दवा नहीं देनी चाहिए. पशुओं की विभिन्न अवस्थाओं के लिए अलग-अलग कीड़े की दवाएं होती हैं. इसके साथ ही उन्होंने किसानों को थनेला रोग के बारे में जानकारी दी.

सातवां चरण: कृषि विज्ञान केंद्र शाहजहांपुर के हेड डॉ. एन.सी. त्रिपाठी ने मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने को लेकर कहा कि खरीफ फसल की खेती से पहले किसान अपने खेतों में ढैंचा लगाएं, इससे खेतों की उर्वरा शक्ति में बढ़ोतरी होगी. साथ ही उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से उर्वरकों के संतुलित प्रयोग को लेकर भी अभियान चलाया जा रहा है.
इस अभियान में किसान जरूर शामिल हों और साथ ही उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि हो सके तो अधिक से अधिक ऑर्गेनिक उर्वरकों का उपयोग करें और रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करें. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि किसान मिट्टी की जांच कराएं और मिट्टी की उर्वरा शक्ति की पूरी जानकारी हासिल करें. इससे यह पता चलता है कि मिट्टी में कौन से पोषक तत्व की कमी है और उसके लिए क्या करना है.

आठवां चरण: जिला सहायक निदेशक रेशम दया शंकर ने किसानों को रेशम की खेती के बारे में जानकारी दी. इसके साथ ही उन्होंने किसानों को रेशम तैयार करने की जानकारी दी और किसानों को इसकी खेती करने को लेकर भी जागरूक किया. उन्होंने बताया कि बाजार में रेशम का भाव कितना है और इसकी खेती करके किसान कितनी कमाई कर सकते हैं. इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी.आगे उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से रेशम की खेती करने पर अनुदान भी दिया जाता है.

नौवां चरण जिला उद्यान अधिकारी पुनीत कुमार पाठक ने किसानों को ड्रिप इरिगेशन से जुड़ी योजनाओं के बारे में जानकारी दी. इसके साथ ही उन्होंने किसानों को ड्रिप लगाने के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी होने पर किससे संपर्क करें, इसको लेकर जानकारी दी. आगे उन्होंने किसानों को कोल्ड स्टोरेज नया लगाने को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि सरकार द्वारा शीतगृह पर 35 फीसदी तक सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है.

दसवां चरण उप जिला कृषि अधिकारी शाहजहांपुर ने कहा कि अब बिना किसान फार्मर आईडी के कृषि से जुड़ी कोई भी योजना का लाभ किसानों को नहीं मिलेगा. इसलिए किसान जल्द से जल्द फार्मर आईडी बनवा लें. वहीं, गेहूं के बिक्री केंद्र पर भी फार्मर आईडी बनवाने का काम किया जा रहा है. इसलिए किसान अब फार्मर आईडी जरूर बनवाएं.
कला के जरिए खेती का संदेश
ग्यारहवां चरण में जादूगर सलमान ने अपनी कला के माध्यम से खेती से जुड़ी जानकारी पेश की. उन्होंने किसानों को गोबर खाद के उपयोग और पशुपालन को बढ़ावा देने का सुझाव दिया. इसके साथ ही उन्होंने किसानों से हर शुभ अवसर पर वृक्ष लगाने की अपील की. इसके अलावा उन्होंने किसानों को आय दोगुनी करने को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी.

अंतिम, बारहवें चरण में लकी ड्रॉ का आयोजन किया गया, जिसमें 10 विजेताओं को 500 रुपये और इसके साथ ही कुल पांच विजेताओं को 1000 रुपये दिए गए. ‘किसान तक’ का यह कारवां किसानों को आधुनिक तकनीक, बाजार से जुड़ाव और आय बढ़ाने के उपायों से जोड़ने का एक प्रभावी मंच प्रदान कर रहा है.
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