
सर्दी बढ़ने के साथ ही शीतलहर और पाले का खतरा बढ़ता जा रहा है. कई राज्यों में तापमान सामान्य से नीचे है जिससे शीतलहर की संभावना बढ़ गई है. ऐसे में इसका सीधा असर किचन गार्डन पर देखने को मिल रहा है. अधिक ठंड से पौधे मुरझाकर काले पड़ने लगे हैं.

शीतलहर के चलते मिट्टी की नमी भी धीरे-धीरे खत्म हो रही है, जिससे पौधों की बढ़वार रुक गई है और फल और पत्तियां गिरने लगी हैं. खासतौर पर टमाटर, बैंगन और मिर्च जैसे पौधे पाले के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं और जल्दी नुकसान झेलते हैं.

ऐसे में अगर आपके घर में मौजूद पौधे के साथ भी ऐसा हो रहा है, तो आज हम आपको बेहद आसान टिप्स बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप ठंड के मौसम में भी पौधों को हरा-भरा रख सकते हैं. आइए जानते हैं क्या है वो उपाय.

ठंड के मौसम में गार्डन को सुरक्षित रखने के लिए सही प्रबंधन बेहद जरूरी है. पौधों की जड़ों के पास सूखी घास, पत्ते या भूसा बिछाकर मल्चिंग कर दें. इससे मिट्टी की गर्मी बनी रहती है और पाले का असर कम होता है.

शाम के समय पौधों में पानी देना फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि नमी पाले के प्रभाव को कम कर देती है. यदि संभव हो तो पौधों में एप्सम सॉल्ट का वाले घोल का छिड़काव करें. इससे बेहतर परिणाम मिलते हैं.

छोटे और नाजुक पौधों को रात के समय पुराने कपड़े, पुआल या ग्रीन नेट से ढक दें, ताकि ठंडी हवा और पाले से बचाव हो सके. हालांकि, दिन में जब धूप निकल आए तो पौधों को जरूर खोल दें, ताकि उन्हें पर्याप्त धूप मिल सके.

पौधों को ऐसी जगह रखें, जहां दिनभर अच्छी धूप आती हो. सर्दियों में जरूरत से ज्यादा खाद डालने से बचें, क्योंकि इससे पौधों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है. संतुलित देखभाल और समय पर किए गए छोटे-छोटे उपाय आपके किचन गार्डन को भीषण ठंड में भी सुरक्षित रख सकते हैं.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today