
आजकल बाजार में मिलने वाली सब्जियों में केमिकल और पेस्टीसाइड्स की मात्रा काफी ज्यादा होती है, जिससे कई तरह की बीमारियों का खतरा बना रहता है. वहीं, घर पर उगाई गई लौकी न सिर्फ जैविक होती है, बल्कि इसे ताजा-ताजा तोड़कर खाने का आनंद भी अलग ही होता है. इसके अलावा, लौकी एक ऐसी सब्जी है, जो कम मेहनत में भी भरपूर पैदावार देती है.

लौकी को गर्म और नमी वाली जलवायु में अच्छी पैदावार मिलती है. इसकी बुआई के लिए फरवरी से जून के बीच का समय सबसे उपयुक्त होता है. अगर आप इसे घर पर उगाना चाहते हैं, तो फरवरी-मार्च में बीज लगाने का सही समय है, ताकि गर्मियों में आप ताजी लौकी का आनंद ले सकें.

बीज का चयन करते समय अच्छी गुणवत्ता वाले जैविक बीज ही खरीदें, ताकि स्वस्थ पौधे तैयार हो सकें. बीजों को 8-10 घंटे पानी में भिगोकर रखें, इससे अंकुरण जल्दी होता है. फिर किसी छोटे गमले, ट्रे या कोकोपीट में बीज लगाएं और हल्की नमी बनाए रखें. लगभग 7-10 दिनों में बीज अंकुरित हो जाएंगे और छोटे पौधे दिखने लगेंगे.

लौकी के पौधे को अधिक धूप की जरूरत होती है, इसलिए इसे ऐसी जगह लगाएं, जहां कम से कम 6-8 घंटे धूप मिल सके. गमले में लगाने के लिए 30-40 लीटर क्षमता वाला गमला या ग्रो बैग चुनें, जिससे इसकी बेल को फैलने के लिए पर्याप्त जगह मिले. मिट्टी में जैविक खाद जैसे गोबर की खाद, वर्मी कम्पोस्ट, या किचन वेस्ट से बनी खाद डालें.

लौकी को नियमित रूप से पानी देने की जरूरत होती है, लेकिन मिट्टी में जलभराव न होने दें. गर्मियों में दिन में दो बार (सुबह और शाम) पानी देना सही रहेगा. हर 15-20 दिनों में गाय के गोबर की खाद, सरसों की खली या वर्मी कम्पोस्ट डालें. इससे पौधे को पर्याप्त पोषण मिलेगा और वह तेजी से बढ़ेगा. लौकी की बेल लंबी होती है, इसलिए इसे बांस, तार या ट्रेलिस का सहारा देना जरूरी है. अगर बेल ठीक से चढ़ाई नहीं गई, तो पौधा कमजोर हो सकता है और फल नहीं लगेगा.

लौकी को बीज बोने के 50-60 दिन बाद तोड़ा जा सकता है. जब लौकी का रंग हल्का हरा और छिलका मुलायम हो, तभी इसे तोड़ना चाहिए. बहुत अधिक पकने पर लौकी के अंदर बीज सख्त हो जाते हैं और स्वाद में भी बदलाव आ सकता है.

घर पर उगाई गई लौकी 100% जैविक और ताजी होती है. लौकी में फाइबर, पानी और पोषक तत्व अधिक होते हैं, जिससे यह पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद होती है. अगर आपके पास जमीन नहीं है, तो गमले या ग्रो बैग में भी लौकी उगा सकते हैं. साथ ही, एक बार बीज बोने के बाद पूरा सीजन भर आपको ताजी लौकी मिलती रहेगी, जिससे बाजार से खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today