
अगर आपके घर के बगीचे या आंगन की मिट्टी अच्छी नहीं है, या बार-बार झुक कर काम करने में दिक्कत होती है, तो आपके लिए रेज़्ड बेड गार्डनिंग टिप्स बहुत अच्छा तरीका हो सकता है. इसमें जमीन के ऊपर चारों तरफ से बनी ऊंची क्यारियों में पौधे लगाए जाते हैं, जिससे खराब मिट्टी की समस्या नहीं रहती है.

गार्डनिंग एक्सपर्ट्स की मानें तो यह तरीका खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिनकी जमीन बंजर या कम उपजाऊ है. इसमें पौधों की देखभाल करना आसान होता है और झुक कर काम करने की जरूरत भी नहीं पड़ती है, इसलिए यह घर के बुजुर्गों, महिलाओं और शहरी लोगों के लिए भी एक सुविधाजनक और आरामदायक बागवानी तरीका है.

रेज़्ड बेड गार्डनिंग तकनीक में जमीन के ऊपर चारों तरफ से बनी ऊंची क्यारियां तैयार की जाती है और उनमें पौधे लगाए जाते हैं. इससे मिट्टी की क्वालिटी को अपने हिसाब से बेहतर बनाया जा सकता है, जिससे पौधों को अच्छा पोषण मिलता है और उनकी ग्रोथ भी तेज होती है. सबसे अच्छी बात यह है कि इस तकनीक से फसल या पौधों का उत्पादन भी अच्छा मिलता है.

गार्डेनिंग एक्सपर्ट के अनुसार, इसके लिए ऐसी जगह चुननी चाहिए जहां रोजाना कम से कम 6 से 8 घंटे की सीधी धूप आती हो. क्योंकि धूप पौधों की ग्रोथ के लिए बहुत आवश्यक होती है. इसलिए खुले और हवादार स्थान पर क्यारी बनाना सबसे अच्छा विकल्प होता है.

इसके साथ ही क्यारी (रेज़्ड बेड) की चौड़ाई और गहराई का सही होना भी बहुत जरूरी है. क्यारी की चौड़ाई 3 से 4 फीट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, ताकि आप बिना अंदर जाए ही बीच तक आसानी से पहुंच सकें और पौधों की देखभाल कर सकें. इससे पौधे अच्छे से विकसित होते हैं और उनकी ग्रोथ भी बेहतर होती है.

रेज़्ड बेड का ढांचा बनाने के लिए लकड़ी लकड़ी, ईंट, पत्थर या धातु की शीट से क्यारी का मजबूत ढांचा बनाया जाता है. ये चीजें मिट्टी को बाहर फैलने से रोकती हैं और क्यारी को लंबे समय तक टिकाऊ बनाती हैं. अच्छे ढांचे की वजह से पानी की निकासी भी सही रहती है, जिससे पौधों की जड़ों में पानी जमा नहीं होता और सड़न की समस्या कम हो जाती है.

इसके बाद बगीचे की मिट्टी, अच्छी जैविक खाद और वर्मी कम्पोस्ट को बराबर मात्रा में मिलाकर एक अच्छा उपजाऊ मिश्रण तैयार करें और इस मिश्रण से क्यारी को भर दें. यह मिट्टी पौधों को जरूरी पोषक तत्व देती है, जिससे उनकी बढ़त अच्छी होती है. पौधों को थोड़ा पास-पास लगाना भी फायदेमंद रहता है, क्योंकि क्यारी की मिट्टी पोषक तत्वों से भरपूर होती है और सभी पौधों को भरपूर पोषण मिल जाता है.
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