
महाराष्ट्र के जालना जिले में आग की लगातार हो रही घटनाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. जिले के भोकरदन और अंबड तालुका में हुई तीन अलग-अलग घटनाओं में कुल मिलाकर 20 से अधिक एकड़ में खड़ी फसल जलकर खाक हो गई है.

इस आग की घटना से किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है. पहली घटना भोकरदन शहर के अन्वा पाटी परिसर में सामने आई, जहां दोपहर के समय लगी भीषण आग में कैलास गोराडे, राजू गोराडे, मोहन शास्त्री और मंदार शास्त्री के करीब 6 एकड़ खेत में लगी गेहूं और मक्का की फसल पूरी तरह जल गई.

इसके अलावा आधी एकड़ में लगी सागवान की खेती भी आग की भेंट चढ़ गई. तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल गई, हालांकि स्थानीय लोगों और दमकल विभाग की मदद से आग पर काबू पाया गया. वहीं, दूसरी घटना अंबड तालुका के देशगव्हाण गांव में हुई, जहां बिजली के तारों के टकराने से आग लग गई.

इस हादसे में करीब 4 एकड़ में लगी गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई. किसान उत्तम हुसे, बापुराव हुसे, सुरेखा हुसे और विक्रम हुसे की फसल कटाई से ठीक पहले आग की चपेट में आ गई, जिससे उनका भारी नुकसान हुआ है.

तीसरी घटना भोकरदन शहर के सिल्लोड रोड पर स्थित साईं मंदिर के पीछे घटी, जहां विद्युत ट्रांसफार्मर में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई. इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 10 से 12 एकड़ में फैली गेहूं, चना और मक्का की फसल को अपनी चपेट में ले लिया.

इस घटना में किसान कृष्णा जाधव, पंढरीनाथ सपकाल, भागाजी सपकाल और हरिदास सपकाल की फसल पूरी तरह जलकर खाक हो गई. तीनों ही घटनाओं में स्थानीय लोगों और दमकल विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया.

लेकिन तब तक किसानों का भारी नुकसान हो चुका था. फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, वहीं प्रभावित किसानों ने प्रशासन से जल्द पंचनामा कर उचित मुआवजा देने की मांग की है.
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