गन्ना किसानों के लिए बड़ा ऐलान, अगेती और सामान्य किस्मों के लिए इतनी बढ़ाई गई कीमत

गन्ना किसानों के लिए बड़ा ऐलान, अगेती और सामान्य किस्मों के लिए इतनी बढ़ाई गई कीमत

गन्ना किसानों के लिए एक खुशखबरी है. 2025-26 पेराई सीजन के लिए गन्ने का स्टेट एडवाइज्ड प्राइस (SAP) जल्दी पकने वाली किस्मों के लिए नए दाम तय किए गए हैं. बढ़ी हुई कीमत न केवल गन्ना किसानों को राहत देगी, बल्कि राज्य की खेती की इकॉनमी को भी मजबूत करेगी.

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गन्ना किसानों के लिए बड़ा ऐलान, अगेती और सामान्य किस्मों के लिए इतनी बढ़ाई गई कीमतगन्ने की कीमतों में बढ़ोतरी

उत्तराखंड के गन्ना किसानों के लिए एक राहत भरी खबर है. दरअसल, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि 2025-26 पेराई सीजन के लिए गन्ने का स्टेट एडवाइज्ड प्राइस (SAP) जल्दी पकने वाली किस्मों के लिए 405 रुपये प्रति क्विंटल और नॉर्मल किस्मों के लिए 395 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. मुख्यमंत्री ने शनिवार को उत्तराखंड की चीनी मिलों द्वारा खरीदे जाने वाले गन्ने के स्टेट एडवाइज्ड प्राइस में पिछले साल की तुलना में 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है.

 उत्तराखंड सरकार का क्या है लक्ष्य

बता दें कि, पिछले 2024-25 पेराई सीजन में गन्ने की अगेती किस्मों के लिए SAP 375 रुपये प्रति क्विंटल और नॉर्मल किस्मों के लिए 365 रुपये प्रति क्विंटल दाम तय किया गया था. ऐसे में इस वर्ष कीमतों में बदलाव करने पर CM धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है, और इसी वजह से इस साल पिछले साल की तुलना में गन्ने की कीमतों में काफी बढ़ोतरी की गई है.

सभी से बातचीत करके लिया गया फैसला

CM पुष्कर सिंह धामी ने यह भी बताया कि कीमत तय करने के प्रोसेस के दौरान कोऑपरेटिव, पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर की चीनी मिलों, गन्ना विकास और चीनी उद्योग विभाग, किसान संगठनों और संबंधित स्टेकहोल्डर्स के साथ काफी बातचीत की गई, जिसके बाद ये फैसला लिया गया.

कीतमों में बढ़ोतरी से होंगे कई फायदे

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा तय किए गए फेयर एंड रिम्यूनरेटिव प्राइस (FRP), उत्तर प्रदेश में लागू गन्ने की कीमत और राज्य की ज्योग्राफिकल और खेती की स्थितियों का सही एनालिसिस करने के बाद एक बैलेंस्ड फैसला लिया गया है. उन्होंने कहा कि 2025-26 पेराई सीजन के लिए घोषित यह बढ़ी हुई कीमत न केवल गन्ना किसानों को राहत देगी, बल्कि राज्य की खेती की इकॉनमी को भी मजबूत करेगी. साथ ही गन्ने के प्रोडक्शन को बढ़ावा देने में मदद करेगी. (PTI)

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