AI Generated Imageउत्तर प्रदेश के मऊ से एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है, जिसने अफसरों और पुलिस दोनों को चौंका दिया. गुरुवार को करीब 60 वर्षीय किसान राधेश्याम मौर्य हाथ में पॉलिथीन का बैग लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे, जिसमें दूध का एक डिब्बा और जिंदा कोबरा का बच्चा था. जानकारी के मुताबिक, राधेश्याम पुराने तहसील इलाके से गुजर रहे थे, जब उनके संदिग्ध व्यवहार पर ब्रह्मस्थान पुलिस चौकी प्रभारी विवेक राव सूर्यवंशी की नज़र पड़ी.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पूछताछ में किसान ने खुलासा किया कि पत्नी के निधन के बाद उनका नाम राशन कार्ड से हटा दिया गया था और पिछले दो साल से सप्लाई ऑफिस और अफसरों के चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ. गुस्से और लाचारी में उन्होंने तय किया कि ज़िला मजिस्ट्रेट के दफ़्तर में कोबरा छोड़कर अधिकारियों का ध्यान अपनी परेशानी की ओर खींचेंगे.
हालांकि, पुलिस ने समय रहते उन्हें रोक लिया और कोबरा को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया. पूछताछ के दौरान मौर्य ने सप्लाई विभाग के एक बाबू का नाम भी लिया, जो उनकी समस्या के प्रति संवेदनशील थे, लेकिन मामला फिर भी अटका रहा. पुलिस ने किसान को समझा-बुझाकर शांत किया और अफसरों तक उनकी शिकायत पहुंचाने का भरोसा दिया.
वहीं, एक अन्य घटनाक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुरुवार को विधानसभा में एक खास मेहमान मिलीं. गुडंबा की 9 वर्षीय श्रद्धा ठाकुर अपने पिता के साथ यहां पहुंचीं, ताकि मुख्यमंत्री को स्कूल जाने वाली सड़क की मरम्मत का वादा पूरा करने के लिए धन्यवाद दे सके. श्रद्धा ने 26 जनवरी को योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर कुर्सी रोड स्थित अपने स्कूल तक जाने वाली सड़क की खराब हालत की शिकायत की थी.
इसके बाद मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारियों को निर्देश देकर सड़क ठीक करने को कहा था और कुछ ही समय में मरम्मत का काम पूरा हो गया था. ऐसे में विधानसभा में सरकार के आठ साल का रिपोर्ट कार्ड पेश करने से पहले मुख्यमंत्री ने श्रद्धा से बातचीत की और उसकी पढ़ाई और हालचाल पूछा और आशीर्वाद दिया. श्रद्धा ने कहा, “मेरी गुजारिश के बाद सड़क बनवाई गई, इसलिए मैं यहां आकर मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद कर रही हूं.''
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