
मूंग की खरीदमध्य प्रदेश में मूंग खरीद को लेकर किसानों की नाराजगी बढ़ती जा रही है. इसी बीच किसान महापंचायत ने प्रदेश के मूंग उत्पादक किसानों की समस्याओं को लेकर रायसेन के जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है. संगठन ने सरकार से मूंग की खरीद तत्काल शुरू करने, प्रति हेक्टेयर खरीद सीमा बढ़ाने और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग की है. साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा.
ज्ञापन में किसान महापंचायत के प्रदेश अध्यक्ष राजेश धाकड़ ने कहा कि प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मूंग की फसल तैयार होकर किसानों के घरों और खेतों में रखी हुई है, लेकिन अब तक न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर खरीद शुरू नहीं की गई है. खरीद में देरी के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और उन्हें मजबूरी में अपनी उपज कम कीमत पर बेचनी पड़ सकती है. संगठन ने मांग की है कि सरकार बिना देरी किए मूंग की सरकारी खरीद शुरू करे.
ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले वर्ष राज्य सरकार ने प्रति हेक्टेयर 15 क्विंटल तक मूंग खरीद की थी, लेकिन इस बार खरीद सीमा घटाकर केवल 3 क्विंटल प्रति हेक्टेयर कर दी गई है. किसान महापंचायत का कहना है कि यह फैसला किसानों के हित में नहीं है. इससे एक किसान को लगभग 15 हजार से 20 हजार रुपये तक का आर्थिक नुकसान हो सकता है. संगठन ने मांग की है कि खरीद सीमा को फिर से बढ़ाकर 15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर किया जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिल सके.

किसान महापंचायत ने ज्ञापन में स्वामीनाथन आयोग की C2+50% लागत के आधार पर MSP तय करने की सिफारिश को लागू करने की भी मांग उठाई है. संगठन का कहना है कि किसानों को उनकी फसल की वास्तविक लागत पर 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर समर्थन मूल्य दिया जाना चाहिए. इससे किसानों की आय बढ़ेगी और खेती अधिक लाभकारी बन सकेगी.
किसान महापंचायत ने सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं-
ज्ञापन के अंत में किसान महापंचायत ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार किसानों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा. संगठन ने कहा कि आंदोलन के दौरान यदि कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और केंद्र सरकार की होगी. किसान महापंचायत का कहना है कि वह किसानों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी.
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