पंजाब में बिजली कटौती के खिलाफ किसानों का हल्ला बोल, आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी

पंजाब में बिजली कटौती के खिलाफ किसानों का हल्ला बोल, आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी

पंजाब में धान सीजन के बीच अघोषित बिजली कटौती से नाराज भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) ने जालंधर के शक्ति सदन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया. किसानों का आरोप है कि सरकार के 8 घंटे बिजली सप्लाई के दावे जमीनी हकीकत से दूर हैं, जिससे सिंचाई और आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है. वहीं बिजली विभाग ने रिकॉर्ड मांग को कटौती की वजह बताया है और अतिरिक्त बिजली खरीदने की बात कही है. किसानों ने चेतावनी दी है कि हालात नहीं सुधरे तो पूरे राज्य में बड़ा आंदोलन किया जाएगा.

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पंजाब में बिजली कटौती के खिलाफ किसानों का हल्ला बोल, आंदोलन तेज करने की दी चेतावनीबिजली कटौती के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन

घरों और कृषि मोटरों को नियमित बिजली आपूर्ति न मिलने से नाराज भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) ने सोमवार को शक्ति सदन, जालंधर के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया. प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश चंद्र शर्मा ने किया. किसानों ने आरोप लगाया कि लगातार अघोषित बिजली कटौती से धान की फसल की सिंचाई प्रभावित हो रही है और भीषण गर्मी में शहरों और गांवों के लोग भारी परेशानी झेल रहे हैं.

किसानों का आरोप—बिजली के दावे सिर्फ कागजों तक

धरने के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि सरकार किसानों को निर्बाध बिजली देने के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात बिल्कुल अलग हैं. समय पर बिजली न मिलने से खेती प्रभावित हो रही है और ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी इलाकों में भी लंबे कट लगाए जा रहे हैं. किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द हालात नहीं सुधरे तो पूरे पंजाब में आंदोलन तेज किया जाएगा.

बिजली विभाग का जवाब—रिकॉर्ड डिमांड बनी वजह

बिजली विभाग के नॉर्थ रीजन के चीफ इंजीनियर सरबजीत सिंह ने कहा कि राज्य में इस समय बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए सेंट्रल पूल से 300 से 400 मेगावाट अतिरिक्त बिजली खरीदी जा रही है. धान की बुआई को ध्यान में रखते हुए इंडस्ट्री एरिया में रात 10 बजे से सुबह 8 बजे तक कटौती की जा रही है, ताकि किसानों को 8 घंटे या उससे अधिक बिजली सप्लाई दी जा सके. 

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहरों और गांवों में भी बढ़ी हुई मांग के कारण कुछ समय के लिए कट लगाने पड़ रहे हैं. विभाग लगातार अतिरिक्त बिजली खरीदकर मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है ताकि आम लोगों को कम से कम परेशानी हो.

संघर्ष तेज करने की चेतावनी

किसान नेताओं ने कहा कि यदि आने वाले दिनों में बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ तो भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) पूरे पंजाब में बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेगी और सरकार के खिलाफ संघर्ष को और तेज किया जाएगा.

ये हैं किसानों की मुख्य मांगें

  • धान सीजन के दौरान 8 घंटे निर्बाध बिजली सप्लाई सुनिश्चित की जाए.
  • बार-बार होने वाली बिजली कटौती तुरंत बंद की जाए.
  • ट्रांसफॉर्मर और फॉल्ट की शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाए.
  • किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जाए ताकि फसल प्रभावित ना हो. (दविंदर कुमार का इनपुट)
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