शिवराज सिंह चौहानकेंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में 28 और 29 जून को नई दिल्ली के पूसा में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है. ये आयोजन पूसा स्थित भारत रत्न सी. सुब्रमण्यम ऑडिटोरियम में होगा. इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल होंगे, जहां गांवों के विकास, प्रमुख योजनाओं की समीक्षा और भविष्य की रणनीति पर व्यापक चर्चा की जाएगी.
सम्मेलन में गांवों के विकास, सरकारी योजनाओं की समीक्षा और ग्रामीण भारत के लिए भविष्य की रणनीति पर चर्चा होगी. केंद्र सरकार का उद्देश्य ‘विकसित ग्राम, विकसित भारत’ के विजन को आगे बढ़ाना और केंद्र-राज्य के बीच बेहतर तालमेल बनाकर ग्रामीण विकास को गति देना है. इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, दीनदयाल अंत्योदय राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, ग्रामीण कौशल विकास कार्यक्रम और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम जैसी प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी. साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर बेहतर योजना निर्माण और संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल पर भी मंथन होगा.
इस सम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री भाग लेंगे. सम्मेलन में केंद्र और राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों, नीति-निर्माताओं और अलग-अलग योजनाओं से जुड़े विशेषज्ञों की भी सक्रिय भागीदारी रहेगी. इस राष्ट्रीय मंथन में राज्यों के अनुभव, नवाचार और जमीनी चुनौतियों पर खुलकर चर्चा होगी, जिससे नीतिगत स्तर पर मजबूत और व्यावहारिक समाधान सामने आ सकें.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सम्मेलन के दौरान अलग-अलग थीमैटिक और ब्रेकआउट सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें ग्रामीण आवास, सड़क कनेक्टिविटी, आजीविका, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी. राज्यों द्वारा अपनाई गई सफल पहल और नवाचारों को साझा किया जाएगा, ताकि उन्हें अन्य राज्यों में भी लागू किया जा सके. उन्होंने ने कहा कि ‘लखपति दीदी’ पहल के तहत स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, ग्रामीण उद्यमिता और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के उपायों पर विशेष चर्चा होगी. इसके साथ ही ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास और बाजार से जुड़ाव पर भी फोकस रहेगा.
कृषि मंत्री ने बताया कि सम्मेलन में ग्रामीण विकास योजनाओं में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को विशेष महत्व दिया जाएगा. डिजिटल प्लेटफॉर्म, रियल टाइम मॉनिटरिंग, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए अलग-अलग तकनीकी समाधानों पर चर्चा की जाएगी, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी और प्रभावशीलता लाई जा सके.
शिवराज सिंह ने बताया कि सम्मेलन के दूसरे दिन 29 जून को प्लेनरी सत्रों और मंत्रिस्तरीय चर्चाओं के माध्यम से सभी राज्यों के सुझाव लिए जाएंगे और भविष्य की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा. शिवराज सिंह समापन सत्र में सम्मेलन के निष्कर्षों को प्रस्तुत करेंगे और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में गांवों की केंद्रीय भूमिका पर अपनी बात रखेंगे.
उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन केवल समीक्षा का मंच नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के लिए नए संकल्प और ठोस कार्ययोजना तय करने का अवसर है, जिससे देश के हर गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके, जो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में केंद्र सरकार की प्राथमिकता है.
सम्मेलन के दौरान ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन भी किया जाएगा. इनमें जल सुरक्षा, ग्राम विकास योजना, महिला सशक्तिकरण, आजीविका और सफलता की कहानियों से जुड़े दस्तावेज शामिल होंगे, जो राज्यों और ग्राम पंचायतों के लिए मार्गदर्शक का काम करेंगे.
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