
महाराष्ट्र एफडीए की टीममहाराष्ट्र के पुणे डिविजन में खाद्य और औषधि प्रशासन (FDA) ने त्योहारों से पहले खाद्य तेल की क्वालिटी और लेबलिंग की जांच के लिए विशेष अभियान चला रही है. इस क्रम में FDA की टीम ने 9 अक्टूबर को पांच जिलों के 25 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर 74,612.11 किलोग्राम खाद्य तेल जब्त किया गया. इसकी कीमत करीब 1.28 करोड़ रुपये बताई जा रही है. जब्त तेल की क्वालिटी मानकों के अनुरूप नहीं होने, असुरक्षित होने या गलत लेबलिंग से जुड़े संदेहों की जांच की जा रही है. यह अभियान पुणे, सांगली, सोलापुर, सतारा और कोल्हापुर जिलों में चलाया गया. जब्त किए गए सभी तेल के नमूने प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे जाएंगे. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
कार्रवाई के दौरान पुणे कैंप के गवाली वाडा स्थित गार्डन वडापाव सेंटर से 358.4 किलोग्राम मूंगफली का तेल जब्त किया गया. इसकी कीमत 71,918 रुपये बताई गई है. FDA ने तेल की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं होने के संदेह में इसे जब्त किया. विभाग के मुताबिक, प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 23, 26 और 27 के उल्लंघन भी पाए गए.

वहीं, गुलटेकड़ी के मार्केट यार्ड स्थित प्राज ट्रेडर्स से 3,176.8 किलोग्राम खाद्य तेल जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 6.35 लाख रुपये है. जब्त तेल में रिफाइंड सोयाबीन तेल और पामोलीन तेल शामिल था. FDA ने यहां तेल की क्वालिटी को लेकर संदेह के अलावा प्रयोगशाला के काम नहीं करने और केमिस्ट की अनुपस्थिति जैसी गड़बड़ियों का भी जिक्र किया.
टीम ने पुणे जिले में आठ प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की. यहां से कुल 34,481.1 किलोग्राम खाद्य तेल जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 58.90 लाख रुपये है. जुन्नर तालुका के आले गांव स्थित लक्ष्मी एंटरप्राइजेज से 12,434.3 किलोग्राम सोयाबीन और पामोलीन तेल जब्त किया गया. इसकी कीमत 19.05 लाख रुपये है. FDA ने यहां तेल की क्वालिटी पर संदेह के साथ प्रयोगशाला के काम नहीं करने, केमिस्ट की अनुपस्थिति, टिन के डिब्बों के दोबारा इस्तेमाल और तेल की टंकियों के इनलेट और आउटलेट के लिए साझा पाइपलाइन होने जैसी खामियां दर्ज कीं.
इसी तरह, हवेली तालुका के देहू स्थित संत तुकाराम ऑयल मिल से 12,518.6 किलोग्राम सोयाबीन और आयातित आरबीडी पामोलीन तेल जब्त किया गया. इसकी कीमत करीब 19.38 लाख रुपये है. विभाग ने यहां तेल की क्वालिटी और सुरक्षा को लेकर संदेह के अलावा प्रयोगशाला के काम नहीं करने, केमिस्ट की अनुपस्थिति, टिन के डिब्बों के दोबारा इस्तेमाल इस्तेमाल, साझा पाइपलाइन, गलत ब्रांडिंग और बैचवार जांच रिकॉर्ड तथा स्टॉक रजिस्टर उपलब्ध नहीं होने जैसी गड़बड़ियों का जिक्र किया.
FDA के आंकड़ों के मुताबिक, सांगली में 2,536.46 किलोग्राम खाद्य तेल जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 4.07 लाख रुपये है. सोलापुर में 13,490.4 किलोग्राम तेल जब्त हुआ, जिसका मूल्य 25.33 लाख रुपये है. सतारा में 5,948.15 किलोग्राम तेल जब्त किया गया, जिसकी कीमत 11.41 लाख रुपये है. वहीं, कोल्हापुर में 18,156 किलोग्राम खाद्य तेल जब्त हुआ, जिसका मूल्य करीब 29.03 लाख रुपये बताया गया है.
विभाग के अनुसार, जांच के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों में प्रयोगशाला के काम नहीं करने, योग्य केमिस्ट की अनुपस्थिति, टिन के डिब्बों के दोबारा इस्तेमाल, गलत लेबलिंग और ब्रांडिंग, खरीद और उत्पादन के रिकॉर्ड में कमियों और लाइसेंस संबंधी उल्लंघनों जैसी अनियमितताएं सामने आईं. कुछ प्रतिष्ठानों में तेल भंडारण टंकियों के इनलेट और आउटलेट के लिए साझा पाइपलाइन का इस्तेमाल भी पाया गया. FDA ने कुछ मामलों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के उल्लंघन का भी उल्लेख किया.
FDA पुणे संभाग के संयुक्त आयुक्त (खाद्य) डी. वी. भोगवाड़े ने बताया कि यह अभियान ऐसे निर्माताओं और विक्रेताओं के खिलाफ चलाया गया, जिन पर घटिया गुणवत्ता वाला, असुरक्षित या गलत लेबलिंग वाला खाद्य तेल उपलब्ध कराने का संदेह था. उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को सुरक्षित और अच्छी गुणवत्ता वाला खाद्य तेल उपलब्ध कराना है. FDA के मुताबिक, जब्त किए गए सभी तेल के नमूनों की प्रयोगशाला में जांच कराई जाएगी. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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