
कृषि मंत्री राम कृपाल यादवबिहार के पटना स्थित ज्ञान भवन में आज यानी 21 मार्च को “बिहार नर्सरी और ग्रीन-टेक कॉन्क्लेव 2026” की शुरुआत हुई. यह कार्यक्रम तीन दिनों तक यानी 23 मार्च 2026 तक चलेगा. उद्घाटन कार्यक्रम में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार भी मौजूद रहे. इस मौके पर राज्य के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि यह कॉन्क्लेव बिहार की खेती को एक नई दिशा देने वाला है. उन्होंने बताया कि पहले खेती पारंपरिक तरीके से होती थी, लेकिन अब समय बदल गया है और खेती में तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि अब किसान मोबाइल से सलाह ले रहे हैं, खेतों में सेंसर से निगरानी हो रही है और मशीनों की मदद से फैसले लिए जा रहे हैं. यानी खेती अब आधुनिक और स्मार्ट बनती जा रही है.
कृषि मंत्री ने यह भी कहा कि नर्सरी का काम अब सिर्फ पौधे उगाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह कमाई का अच्छा जरिया बन गया है. इससे गांवों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं. उन्होंने बताया कि आज के समय में हर जगह हरियाली की मांग बढ़ रही है. लोग अपने घर, ऑफिस, होटल और सड़कों पर भी पौधे लगाना चाहते हैं. ऐसे में नर्सरी का महत्व और भी बढ़ गया है. सरकार का लक्ष्य है कि खेती को तकनीक से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाई जाए और गांवों में रोजगार के नए मौके तैयार किए जाएं.
रामकृपाल यादव ने कहा कि एक नया मौका आया है- मेडिका फूड्स के रूप में जो पौधों से दवा जैसा खाना यानी जो आप खायेंगे वो आपके दवा के रूप में काम करेगा. इसका मतलब है सेहत भी, कमाई भी. उन्होंने कहा कि इस कॉन्क्लेव का मकसद साफ है, किसान, वैज्ञानिक और उद्योग मिलकर खेती को मजबूत करेंगे. हमारे युवा साथियों को कम लागत में बड़ा स्टार्टअप लगाने में मदद मिलेगी. नर्सरी, पैकेजिंग, ट्रांसपोर्ट, मार्केटिंग-हर जगह मौका-ही-मौका है. आप आगे बढ़िये, सरकार हर कदम पर आपके साथ है.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का संकल्प है कि बिहार का हर एक उत्पाद हर भारतीय तक पहुंचे और हम लोग इसमें कामयाब भी हुए हैं. अब हमारा सपना है कि बिहार का उत्पाद दुनिया के हर कोने तक पहुंचे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सोच साफ है- 2047 तक भारत को विकसित बनाना.
कृषि मंत्री ने कहा कि किसान मजबूत होगा तो बिहार मजबूत होगा और बिहार मजबूत होगा तभी भारत मजबूत और विकसित होगा. हम चाहते हैं कि हर किसान तक नई तकनीक पहुंचे, हर खेत से ज्यादा कमाई हो, कोई भी खेत खाली नहीं रहे. मैं अपने किसानों से कहना चाहता हूं कि अब समय बदल गया है, जो तकनीक अपनाएगा, वही आगे बढ़ेगा. आइए मिलकर संकल्प लें. हर खेत हरा-भरा होगा, हर किसान समृद्ध होगा.
उद्घाटन कार्यक्रम के अवसर पर कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने कहा कि बिहार की धरती पर पहली बार इस तरह का ऐतिहासिक आयोजन हो रहा है. यह इस बात का प्रतीक है कि राज्य तरक्की कर रहा है. उन्होंने कहा कि इस कन्क्लेव में राज्य के दूसरे हिस्से से भी नर्सरी से जुड़े हुए किसान और व्यवासायी आए हुए हैं, जो हमारे लिए खुशी की बात हैं. इस अवसर पर किसान आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण मेहता, बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह, कृषि विभाग के विशेष सचिव वीरेन्द्र प्रसाद यादव और शैलेंद्र कुमार, निदेशक उद्यान, अभिषेक कुमार सहित कृषि वैज्ञानिक, बिहार के नर्सरी से जुड़े किसान और व्यवसायी उपस्थित रहे.
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