
नीतीश कुमारबिहार सरकार द्वारा महिलाओं की आर्थिक स्वावलंबन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत अब तक 1 करोड़ 81 लाख महिला लाभार्थियों के खातों में कुल 18,100 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है. आज पटना के 1, अणे मार्ग स्थित संकल्प सभागार से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रिमोट का बटन दबाकर 25 लाख नई लाभार्थी महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपये की दर से कुल 2,500 करोड़ रुपये की राशि भेजी गई. बता दें कि राज्य सरकार ने 26 सितंबर से 28 नवंबर 2025 तक पांच चरणों में 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं के खाते में 15,600 करोड़ रुपये भेजे थे. वहीं, आज भेजी गई राशि के साथ कुल 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं को योजना का लाभ मिल गया है.
इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र कि 1 करोड़ 44 लाख लाभार्थी और शहरी क्षेत्र में 12 लाख लाभार्थी महिलाएं हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया कि जो महिलाएं अपना रोजगार सफलतापूर्वक चलाएंगी, उन्हें आगे 2 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि बचे हुए परिवारों को भी जल्द ही सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं में आत्मनिर्भरता लाने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना राज्य के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. उन्होंने बताया कि 2006 में विश्व बैंक से कर्ज लेकर बिहार में स्वयं सहायता समूहों की नींव रखी गई, जिसे जीविका के नाम से पहचाना गया. आज जीविका समूह राज्य में महिला सशक्तीकरण का मजबूत स्तंभ बन चुका है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ इस मौके पर राज्य सरकार के शीर्ष पदाधिकारी मौजूद थे, जिनमें बिहार सरकार के डिप्टी सीएम सम्राट,
उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दो महिला लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए. मुजफ्फरपुर की चंदू भारती, जो वैष्णवी जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं, उन्होंने बताया कि 10,000 रुपये की सहायता राशि उनके लिए जीवन बदलने वाली साबित हुई. उन्होंने इस राशि से कर्ज जोड़कर गाय खरीदी और दूध बिक्री से आय बढ़ाई. आगे वे 2 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता से सिलाई सेंटर खोलने की योजना बना रही हैं.
वहीं, नालंदा की शबीना खातून, जो मोहादिया जीविका समूह की सदस्य है. उन्होंने कहा कि सहायता राशि ने उन्हें स्वतंत्र रूप से काम शुरू करने का आत्मविश्वास दिया. आगे की राशि से वे दूध व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में महिला पुलिस की तैनाती से महिलाओं का सामाजिक सम्मान बढ़ा है.

बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने इस संबंध में कहा कि बिहार देश मे पहला राज्य है, जहां नीतीश कुमार ने महिलाओं के पैसे उनके खाते में भेजे थे. उन्होंने कहा कि अब तक जिनके खाते में कुछ कारणों से पैसा नहीं गए थे या जिन्होंने देर से फॉर्म भरे थे, उनके खाते में आज पैसा भेजा गया है.
श्रवण कुमार ने कहा कि आज जिन महिलाओं के खाते में पैसा भेजा गया है, उनकी संख्या करीब 25 लाख है. उन्होंने यह भी कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के समय कुछ राजनीतिक दलों के नेता यह बोल रहे थे कि पैसा नहीं दिया जाएगा. बिहार की जनता ने उन्हें 35 सीट पर पहुंचा दिया.
गौरतलब है कि बिहार सरकार ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का ऐलान किया था. चुनाव से पहले ही महिलाओं के खाते में इस योजना की पहली किश्त 10 हजार रुपये की धनराशि भेज दी गई थी. सरकार ने अब फिर से 25 लाख महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपये भेजे हैं. राज्य सरकार ने 2025–2030 के लिए सात निश्चय-3 की घोषणा की है, जिसमें पहले निश्चय दोगुना रोजगार–दोगुनी आय के तहत प्रति व्यक्ति औसत आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है. इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महिला रोजगार योजना को महत्वपूर्ण साधन माना गया है.
ये योजना राज्य में महिलाएं खुद का रोजगार शुरू कर सके इसके लिए शुरु किया गया है. इसके लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत उन्हें सहायता राशि दी जा रही है. पहले फेज में 10,000 रुपया दिए जा रहे हैं. इसके बाद दो लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी. पहले फेज में दिए गए 10 हजार रुपये के उपयोग का आकलन किया जाएगा. यह जिम्मेदारी ग्राम संगठन की होगी. देखा जायेगा कि राशि से दुकान या व्यवसाय शुरू हुआ या नहीं. ग्राम संगठन रिपोर्ट ब्लॉक लेवल पर भेजेगा. इसी के आधार पर आगे की राशि जारी करने का निर्णय लिया जाएगा. (रोहित सिंह और शशि भूषण कुमार की रिपोर्ट)
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