धान खरीद 'घोटाले' में छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा एक्शन, 31 अधिकारी सस्पेंड

धान खरीद 'घोटाले' में छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा एक्शन, 31 अधिकारी सस्पेंड

छत्तीसगढ़ सरकार ने धान खरीद में गड़बड़ी पर बड़ा एक्शन लिया है. दरअसल, सरकार ने धान खरीद में घोटाला करने वालों पर कार्रवाई करते हुए 31 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है. बता दें कि खरीफ मार्केटिंग सीजन 2025-26 के दौरान 15 नवंबर से 31 जनवरी तक धान की खरीद की जा रही है.

Advertisement
धान खरीद 'घोटाले' में छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा एक्शन, 31 अधिकारी सस्पेंडधान खरीद में घोटाला

छत्तीसगढ़ सरकार ने धान खरीद में घोटाले पर सख्त एक्शन लिया है. अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने चल रहे न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान खरीद अभियान से जुड़े 31 कर्मचारियों को कथित गड़बड़ियों के आरोप में सस्पेंड कर दिया है. इसके अलावा एक कर्मचारी की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं, जबकि तीन अन्य को ड्यूटी से हटा दिया गया है. सस्पेंड किए गए तीन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है.

12 जिलों के अधिकारियों पर की गई कार्रवाई

एक संबंधित कार्रवाई में मुंगेली जिले के प्रशासन ने कस्टम मिलिंग संचालन में गंभीर घोटाले का पता चलने के बाद 14 राइस मिलों को सील कर दिया है. साथ ही 12,000 क्विंटल से अधिक धान जब्त किया है. बता दें कि खरीफ मार्केटिंग सीजन 2025-26 के दौरान 15 नवंबर से 31 जनवरी तक धान की खरीद की जा रही है.

गुरुवार को जारी एक सरकारी बयान के अनुसार, खरीद में गड़बड़ी में कथित रूप से शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ यह कार्रवाई 12 जिलों- दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, सक्ती, जगदलपुर, रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद और बलौदाबाजार-भाटापारा में की गई है.

धान खरीद घोटाले में कई अधिकारियों पर FIR दर्ज

बयान में कहा गया है कि इनमें से बेमेतरा जिले की मौ सहकारी समिति के सहायक प्रबंधक उमेश कुमार साहू और कबीरधाम जिले के कुकदूर धान खरीद केंद्र में समिति के प्रबंधक अनिल बाजपेयी को सस्पेंड कर दिया गया है. फर्जी धान खरीद और फिजिकल वेरिफिकेशन के दौरान पाई गई कमी के संबंध में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है.  इसके अलावा बिलासपुर जिले के एरामसाही खरीद केंद्र के प्रभारी कामिराम खुंटे के खिलाफ भी 920 बोरी धान की कमी पाए जाने के बाद FIR दर्ज की गई है.  वहीं, रायपुर जिले में नरदहरा खरीद केंद्र के क्लर्क-सह-ऑपरेटर राकेश जांगड़े को किसानों से कथित तौर पर पैसे वसूलने के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है.

धान खरीद में सरकार का जीरो-टॉलरेंस रवईया 

राज्य सरकार ने धान खरीद में गड़बड़ी के प्रति जीरो-टॉलरेंस नीति अपनाई है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. इस बीच, मुंगेली जिले में राजस्व, पुलिस और खाद्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने कस्टम मिलिंग में घोटाले के संबंध में राज्य एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) द्वारा जारी अलर्ट के बाद कई राइस मिलों में अचानक निरीक्षण किया.

निरीक्षण के दौरान ओवरलोडिंग, रीसाइक्लिंग और कस्टम मिलिंग में गंभीर खामियों के मामले पाए गए. मुंगेली जिले के फूड ऑफिसर ने बताया कि संबंधित नियमों के तहत 19 राइस मिलों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है, जिनमें से 14 को पहले ही सील किया जा चुका है.

धोखाधड़ी के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई

मुंगेली कलेक्टर कुंदन कुमार ने कहा कि धान खरीद में पारदर्शिता प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है, और किसी भी स्तर पर किसी भी गड़बड़ी, धोखाधड़ी, या बिचौलियों की मिलीभगत के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. राज्य सरकार के खरीफ मार्केटिंग वर्ष 2025-26 के निर्देशों के तहत, सहकारी समितियों से मिल मालिकों द्वारा धान उठाने की प्रक्रिया पर ICCC कमांड सेंटर के ज़रिए कड़ी नज़र रखी जा रही है. धान परिवहन में लगे वाहनों को GPS के ज़रिए ट्रैक किया जा रहा है, और रूट बदलने, लंबे समय तक रुकने, या तय क्षमता से ज़्यादा परिवहन के मामलों में अलर्ट जारी किए जा रहे हैं, जिसके बाद जिला स्तर पर वेरिफिकेशन किया जा रहा है. (PTI)

POST A COMMENT