Paddy Farming: महाराष्ट्र सरकार ने किसानों से किया अनुरोध, कहा- बारिश के बाद करें खरीफ फसलों की बुवाई

Paddy Farming: महाराष्ट्र सरकार ने किसानों से किया अनुरोध, कहा- बारिश के बाद करें खरीफ फसलों की बुवाई

राज्य में पानी की कमी और किल्लत को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने किसानों से अनुरोध किया है कि वह बारिश के बाद धान कि बुवाई का काम शुरू करें. ताकि राज्य में जलस्तर बना रहें और लोगों को दिक्कत ना हो. साथ ही सरकार ने किसानों को अंतरफसल अपनाने कि भी सलाह दी है.

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Paddy Farming: महाराष्ट्र सरकार ने किसानों से किया अनुरोध, कहा- बारिश के बाद करें खरीफ फसलों की बुवाईधान की बुआई को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने किसानों से किया अनुरोध

मॉनसून में हो रही देरी की वजह से ना सिर्फ किसान बल्कि सरकारें भी परेशान नजर आ रही है. महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में एक निर्देश जारी कर किसानों को सलाह दी है कि वे राज्य में पर्याप्त बारिश होने तक खरीफ फसलों की बुवाई ना करें. तुअर या अरहर के साथ-साथ चीनी के प्रमुख उत्पादक और कपास और सोयाबीन के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक के रूप में जाना जाने वाला, महाराष्ट्र का कृषि क्षेत्र काफी हद तक मानसून पर निर्भर रहता है. ऐसे में मॉनसून में हो रही देरी ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है.  हालाँकि, इस वर्ष, राज्य में जून में औसत वर्षा की तुलना में केवल 11% बारिश हुई है, जिससे कृषि अधिकारियों के बीच चिंताएं बढ़ गई हैं.

अब तक केवल 1% से अधिक खरीफ फसलों की बुवाई पूरी हुई है. जिस वजह से राज्य के कृषि विभाग ने मॉनसून में हो रही देरी के जवाब में योजनाओं पर चर्चा करने के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित की है.

जलवायु परिवर्तन की वजह से बिगड़ रहा मॉनसून का समय

कृषि आयुक्त सुनील चौहान ने इस बात पर जोर दिया कि मानसून का समय जलवायु परिवर्तन से प्रभावित हो रहा है. उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण मानसून के आने में देरी हो रही है. आईएमडी के अनुसार, राज्य में मानसून का नया सामान्य स्तर 24-25 जून के आसपास होगा. इन बयानों को बुधवार को जारी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया. जिसमें किसानों के बदलते मौसम के मिजाज को अपनाने के महत्व पर प्रकाश डाला गया.

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बारिश के बाद किसान शुरू करें धान की बुवाई- महाराष्ट्र सरकार

दोबारा बुवाई से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए, सरकार ने किसानों को 80-100 मिलीमीटर बारिश होने के बाद ही बुवाई गतिविधियां शुरू करने की सलाह दी है. ऐसा करके, उनका लक्ष्य किसानों के लिए कम फसल की पैदावार और वित्तीय नुकसान की घटनाओं को रोकना है. इसके अतिरिक्त, सरकार किसानों को कम वर्षा के संभावित प्रभाव को कम करने के लिए सामान्य से लगभग 20% अधिक बीजों का उपयोग करने और कम अवधि की फसल किस्मों को चुनने की सलाह दी है.

अंतरफसल अपनाने की दी गई सलाह

फसलों की असुरक्षा को और कम करने के प्रयास में, किसानों को अंतरफसल अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, जिसमें एक साथ कई फसलें उगाना शामिल है. महाराष्ट्र सरकार के सक्रिय उपाय जलवायु परिवर्तन और अनियमित मौसम पैटर्न से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने में किसानों का समर्थन और प्रयास को दर्शाता है. 

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