sonipat International Horticulture Marketमंडियों से किसानों की समृद्धि का रास्ता खुलता है. इस बात को हरियाणा और पंजाब बखूबी समझते हैं. इनमें मंडियों का सबसे बड़ा नेटवर्क है. किसानों को बड़ा बाजार देने के लिए दिल्ली से करीब 100 किलोमीटर दूर सोनीपत (हरियाणा) के गन्नौर में देश की सबसे बड़ी बागवानी मंडी बन रही है. इस मार्केट की प्रतिवर्ष 20 लाख मीट्रिक टन फल व सब्जियों की क्षमता होगी. अगले दो साल में यह मंडी ऑपरेशनल हो सकती है. इस पर सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर करीब 10 हजार करोड़ रुपये खर्च करेंगे.
किसान तक से विशेष बातचीत में हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि यह एशिया की सबसे बड़ी मंडी होगी. इसे देश में मिसाल के तौर पर जाना जाएगा. जीटी रोड के साथ लगभग 540 एकड़ में बनने वाली अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी से किसानों को फल और सब्जियां बेचने का बड़ा बाजार मिलेगा. जिससे उनकी आय में तेजी से वृद्धि होगी.
कृषि मंत्री जेपी दलाल ने बताया कि यह मंडी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी. यहीं पर मसाला मंडी भी होगी. इसी अक्टूबर में ही हरियाणा सरकार का एक डेलिगेशन स्पेन गया था. जहां उसने होलसेल फल व सब्जी मार्केट मेरका मैड्रिड का दौरा किया था. ताकि गन्नौर मंडी में वहां जैसी कुछ सुविधाएं दी जाए. इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केटिंग कारपोरेशन के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में भी गन्नौर मंडी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने के लिए कदम उठाए गए हैं. मंडी का काम पूरा होने के बाद किसानों की आमदनी बढ़ाने का नया रास्ता खुल जाएगा. उन्हें अपने उत्पाद बेचने का एक बड़ा प्लेटफार्म मिलेगा.
हरियाणा सरकार गेहूं और धान जैसी पारंपरिक फसलों की बजाय अब बागवानी पर फोकस कर रही है. ताकि उसके किसानों की आय में और इजाफा हो. इतनी बड़ी मंडी का उन्हें फायदा मिले. कृषि मंत्री दलाल के मुताबिक इस समय सूबे में बागवानी फसलों का क्षेत्र कुल एग्रीकल्चर लैंड का 7 फीसदी है. हम इसे बढ़ाकर 15 फीसदी पर ले जाएंगे. यह लक्ष्य 2030 तक पूरा किया जाएगा. हरियाणा में इजराइल भी बागवानी पर खूब काम कर रहा है.
गन्नौर मंडी को पूरी तरह तैयार करने पर करीब 8 से 10 हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा. इसमें से लगभग 1600 करोड़ रुपये की मदद नाबार्ड करेगा. निजी क्षेत्र भी इसमें निवेश करेगा. इस मंडी की मंजूरी 2012 में मिली थी. जबकि इसका शिलान्यास कांग्रेसकी भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार में हुआ था. इसलिए साल 2014 में राहुल गांधी ने इस मंडी का शिलान्यास किया था. फिलहाल, राज्य सरकार पंचकुला जिले के पिजौंर में सेब मंडी और दिल्ली से सटे गुरुग्राम में ग्लोबल फूल मंडी भी बनाने जा रही है.
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