गेहूं की पैदावारऔरैया में गेहूं की कटाई के बाद किसानों की फसल तेजी से सरकारी खरीद केंद्रों पर पहुंच रही है. सरकारी खरीद को लेकर जिला प्रशासन की तरफ से सख्त निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि किसानों को फसल की सही कीमत मिल सके.
राज्य सरकार ने इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,240 प्रति क्विंटल (यानी ₹22.40 प्रति किलो) तय किया है. इस रेट पर किसानों को उनकी उपज का उचित लाभ मिलने की उम्मीद है. जिला अधिकारी ने सभी खरीद केंद्रों को निर्देशित किया है कि वे ज्यादा से ज्यादा किसानों से गेहूं खरीदें और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें.
गांव-गांव जाकर किसानों से गेंहू खरीद रही टीमें
किसानों को खरीद केंद्रों पर कोई असुविधा न हो, इसके लिए हर केंद्र पर ठंडा पानी, गुड़ और बैठने की व्यवस्था की गई है. वहीं, गेहूं की तेजी से खरीद सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने मोबाइल टीमों का गठन भी किया है. ये टीमें गांव-गांव जाकर किसानों से सीधे गेहूं खरीद रही हैं, जिससे अब किसानों को मंडियों तक आने की जरूरत नहीं पड़ रही.
मोबाइल टीम ने की 500 क्विंटल गेहूं की खरीदारी
किसान जिस भी गांव से मोबाइल टीम को फोन करके बुलाएंगे, वहां टीम जाकर मौके पर ही फसल खरीदेगी. यह सुविधा किसानों के लिए न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि उन्हें अनावश्यक परिवहन खर्च से भी राहत दिलाएगी. अभी तक चार जगहों पर मोबाइल टीमों द्वारा लगभग 500 क्विंटल गेहूं की खरीदारी की जा चुकी है.
किसान को दरवाजे पर ही मिले सुविधा
वहीं, जिला अधिकारी ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस वर्ष अब तक 11% अधिक गेहूं खरीदा जा चुका है. प्रशासन की कोशिश है कि हर किसान को उसके दरवाजे पर ही फसल बेचने की सुविधा मिले और उसे मंडी की भीड़, लंबी लाइन और दलालों से बचाया जा सके. गेहूं खरीद की यह प्रक्रिया आगामी कुछ हफ्तों तक जारी रहेगी.
-सूर्या शर्मा की रिपोर्ट
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