गेहूं की खरीदहरियाणा के गेहूं किसानों के लिए अच्छी खबर है. दरअसल, राज्य सरकार ने रबी सीजन 2026–27 के तहत गेहूं की सरकारी खरीद की तैयारी पूरी कर ली है. सरकार ने घोषणा की है कि राज्य में गेहूं की खरीद 1 अप्रैल से शुरू होगी. इसके लिए प्रदेशभर में सैकड़ों मंडियों और खरीद केंद्रों की व्यवस्था की गई है, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो.
खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के एक प्रवक्ता के अनुसार, भारत सरकार के निर्देशों के तहत राज्य में कुल 416 मंडियां और खरीद केंद्र बनाए गए हैं. इन केंद्रों पर अलग-अलग सरकारी एजेंसियां मिलकर गेहूं की खरीद करेंगी. इनमें खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग, हैफेड, हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन और भारतीय खाद्य निगम (FCI) शामिल हैं. इन एजेंसियों का उद्देश्य किसानों से गेहूं की खरीद को सुचारु और पारदर्शी तरीके से पूरा करना है.
राज्य सरकार ने इस बार खरीद प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के लिए ई-खरीद पोर्टल को अपग्रेड किया है. इस नए सिस्टम में कई आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं, जिससे खरीद प्रक्रिया पहले से अधिक पारदर्शी और बेहतर होगी.
खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री राजेश नागर ने बताया कि इस बार मंडियों में आने वाले वाहनों की निगरानी भी डिजिटल तरीके से की जाएगी, जब किसान अपनी गेहूं की फसल बेचने के लिए मंडी में आएंगे, तो उनके वाहन की रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ फोटो कैप्चर की जाएगी. यदि किसी वाहन पर रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं होगा, तो उसे मंडी के आवक गेट से अंदर आने की अनुमति नहीं दी जाएगी और गेट पास जारी नहीं किया जाएगा.
इसके अलावा सरकार ने मंडियों और खरीद केंद्रों को जियो-फेंसिंग तकनीक से जोड़ा है. इसका मतलब यह है कि खरीद प्रक्रिया से जुड़े सभी जरूरी चरण जैसे आवक गेट पास, बोली लगना और आई-फॉर्म जारी होना, केवल मंडी या खरीद केंद्र के परिसर के भीतर ही पूरा किया जा सकेगा. इससे व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना कम होगी.
राज्य मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिल सके. सरकार की इस पहल से उम्मीद है कि इस बार गेहूं की खरीद प्रक्रिया और भी सुचारु और किसान हितैषी बनेगी, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा.
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