किसान तक के मंडी पेज पर आपका स्वागत है। यहां आप देश की हर मंडी में चल रहा फसल का दाम देख सकते हैं। आपको पुराने मंडी भाव की जानकारी भी इस पेज पर मिलेगी। देश भर की मंडियों में आज उड़द (काली दाल) का सबसे ज्यादा भाव रहा 7170 रुपये/क्विंटल और सबसे कम भाव रहा 6669 रुपये/क्विंटल ।
| राज्य | मंडी | कृषि जिंस | दाम/क्विंटल रुपये में | आवक (क्विंटल में) | व्यापार (क्विंटल में) | दिनांक | ||
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| न्यूनतम भाव | मॉडल भाव | अधिकतम भाव | ||||||
| आंध्र प्रदेश | येम्मिगानुर | उड़द (काली दाल) | 7170.00 | 7170.00 | 7170.00 | 0.00/- | 2.00/- | 16/03/2026 |
| आंध्र प्रदेश | येम्मिगानुर | उड़द (काली दाल) | 6669.00 | 6669.00 | 6669.00 | 0.00/- | 10.00/- | 11/03/2026 |
| आंध्र प्रदेश | येम्मिगानुर | उड़द (काली दाल) | 6786.00 | 6786.00 | 6786.00 | 8.00/- | 1.00/- | 10/03/2026 |
| आंध्र प्रदेश | येम्मिगानुर | उड़द (काली दाल) | 6870.00 | 6870.00 | 6870.00 | 0.00/- | 2.00/- | 04/03/2026 |
| आंध्र प्रदेश | येम्मिगानुर | उड़द (काली दाल) | 7056.00 | 7056.00 | 7056.00 | 0.00/- | 8.00/- | 02/03/2026 |
पंजाब के मोगा जिले की मंडियों में गेहूं की आमद बढ़ने के बावजूद खरीद प्रक्रिया धीमी होने से किसान परेशान हैं. कई किसान 7-8 दिनों से मंडियों में फसल लेकर बैठे हैं, जबकि लिफ्टिंग भी बेहद धीमी है. बारिश से प्रभावित क्वालिटी के चलते एजेंसियां सैंपल जांच के बाद खरीद का इंतजार कर रही हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है.
महाराष्ट्र में अल्फांसो आम के किसानों पर इस बार दोहरी मार पड़ी है. बेमौसम बारिश से फसल प्रभावित हुई, वहीं ईरान युद्ध और हॉर्मुज स्ट्रेट में बाधा के कारण निर्यात ठप हो गया है. दुबई जैसे बड़े बाजारों में सप्लाई रुकने से किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है, जबकि घरेलू बाजार में आम के दाम बढ़ने से उपभोक्ताओं की खरीद भी घट गई है.
2026-27 के मार्केटिंग सीजन में गेहूं की सरकारी खरीद सुस्त बनी हुई है, जिसकी वजह बेमौसम बारिश, देरी से कटाई और सख्त क्वालिटी मानक हैं. पंजाब और हरियाणा जैसे प्रमुख राज्यों में खरीद कम होने से MSP अभियान प्रभावित हुआ है. हालांकि सरकार नियमों में ढील देने पर विचार कर रही है, लेकिन फिलहाल लक्ष्य के मुकाबले खरीद काफी पीछे है.
प्याज की कीमतों में गिरावट से किसान गंभीर आर्थिक संकट में फंस गए हैं. लागत से कम दाम मिलने पर संगठन ने महायुति और MVA दोनों को जिम्मेदार ठहराते हुए सरकार से तुरंत हस्तक्षेप और राहत उपायों की मांग की है.
महाराष्ट्र के नासिक जिले में प्याज की थोक कीमतों में भारी गिरावट से लाखों किसान संकट में हैं. लागत से कम दाम मिलने, निर्यात ठप होने और मांग घटने के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, जबकि कई किसान बेहतर कीमत की उम्मीद में अपनी फसल रोककर बैठे हैं.
Madhya Pradesh में न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) पर गेहूं खरीदी का अभियान तेजी से जारी है. अब तक 17 हजार से अधिक किसानों से 7.75 लाख क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है और करोड़ों रुपये सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं. राज्य सरकार ने 3000 से अधिक उपार्जन केंद्रों के जरिए खरीदी प्रक्रिया को सुचारू बनाया है, जबकि लाखों किसानों ने पहले ही स्लॉट बुक कर लिया है.
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