किसान तक के मंडी पेज पर आपका स्वागत है। यहां आप देश की हर मंडी में चल रहा फसल का दाम देख सकते हैं। आपको पुराने मंडी भाव की जानकारी भी इस पेज पर मिलेगी। देश भर की मंडियों में आज का सबसे ज्यादा भाव रहा रुपये/क्विंटल और सबसे कम भाव रहा रुपये/क्विंटल ।
| राज्य | मंडी | कृषि जिंस | आवक (क्विंटल में) | व्यापार (क्विंटल में) | दिनांक |
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महाराष्ट्र में प्याज किसानों की हालत बेहद खराब हो गई है, जहां बीड के एक किसान को अपनी उपज मात्र 50 पैसे प्रति किलो के भाव पर बेचनी पड़ी. राज्य भर की मंडियों में प्याज के दाम 1-2 रुपये किलो तक गिर गए हैं. आर्थिक संकट से जूझ रहे किसान सड़कों पर उतर आए हैं और उचित दाम की मांग कर रहे हैं.
देशभर की मंडियों में मक्का के भाव अब भी MSP से काफी नीचे चल रहे हैं. मई में कुछ राज्यों में हल्की तेजी जरूर आई, लेकिन किसानों का कहना है कि मौजूदा दामों पर लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है. ऐसे में खरीफ सीजन में मक्का का रकबा प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है.
महाराष्ट्र में प्याज के दाम को लेकर विवाद तेज हो गया है. केंद्र द्वारा 15 रुपये/kg कीमत तय करने के बाद किसानों ने विरोध तेज कर दिया है, जबकि मुख्यमंत्री फडणवीस ने इसे राजनीतिक बताया है.
पेट्रोल-डीजल के बाद अब खाने के तेल, खासकर सरसों, की कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है. जमाखोरी और वैश्विक संकट के चलते यह आम लोगों के किचन पर बड़ा असर डाल सकता है.
एमएसपी पर खरीद शुरू होने के बाद भी किसानों को गेहूं के बेहतर दाम नहीं मिल सके. मार्च, अप्रैल और मई 2026 में देश का औसत गेहूं भाव MSP 2585 रुपये प्रति क्विंटल से नीचे रहा. कई बड़े उत्पादक राज्यों में किसानों को निजी मंडियों में कम कीमत पर फसल बेचनी पड़ी.
किसानों का कहना है कि बड़ी मेहनत से तैयार की गई फसल मंडी तक पहुंचने के बाद खराब हो रही है, जबकि सब्जी व्यापारी भी नुकसान झेलने को मजबूर हैं. बढ़ती गर्मी ने किसानों और व्यापारियों दोनों की चिंता बढ़ा दी है.
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