केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहानकेंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विदिशा संसदीय क्षेत्र में चल रही गेहूं खरीद व्यवस्था की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने साफ किया कि किसानों को किसी भी स्तर पर परेशानी नहीं होनी चाहिए और खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी व व्यवस्थित तरीके से संचालित हो. बैठक में क्षेत्र के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि, कलेक्टर और संबंधित अधिकारी शामिल हुए. समीक्षा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीदी केंद्रों पर सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं. उन्होंने खास तौर पर बारदाने की उपलब्धता, स्लॉट बुकिंग और पंजीयन से जुड़ी प्रक्रियाओं को सुचारु रखने की बात कही.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं का समाधान तुरंत किया जाना चाहिए. इसके लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन किसानों का स्लॉट तकनीकी कारणों से नहीं बन पाया है, उन्हें प्राथमिकता देते हुए मौका दिया जाए और उनकी प्रक्रिया पूरी कराई जाए.
उन्होंने यह भी कहा कि सर्वर की धीमी गति और सत्यापन से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं. साथ ही जरूरत के अनुसार खरीदी केंद्रों पर तौल कांटों की संख्या बढ़ाने और व्यवस्थाओं को मजबूत करने के निर्देश भी दिए, ताकि किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े.
केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि किसानों का गेहूं हर हाल में खरीदा जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो खरीदी की अवधि बढ़ाने, मात्रा सीमा में बदलाव और छुट्टी के दिनों में भी खरीदी जारी रखने जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी.
बैठक के दौरान उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर वे स्वयं क्षेत्र के जिलों का दौरा कर जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे. उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से कहा कि वे सक्रिय भूमिका निभाते हुए किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें.
बैठक में किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उपार्जन प्रक्रिया को अधिक सरल, तेज और भरोसेमंद बनाने पर जोर दिया गया, ताकि किसी भी किसान को अपनी उपज बेचने में कठिनाई का सामना न करना पड़े. बता दें कि राज्य में 19 लाख से ज्यादा किसानों ने गेहूं बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है. वहीं, खरीद का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन है.
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