यूपी विधानसभा बजट चर्चा: CM योगी बोले- पशुधन, मत्स्य और पर्यावरण पर फोकस से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

यूपी विधानसभा बजट चर्चा: CM योगी बोले- पशुधन, मत्स्य और पर्यावरण पर फोकस से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

योगी सरकार के बजट में पशुधन, मत्स्य और पर्यावरण पर बड़ा फोकस सामने आया है. निराश्रित गोवंश, मछुआरों की योजनाएं, पौधरोपण और सहकारिता से जुड़े प्रावधान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की ओर इशारा कर रहे हैं.

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यूपी विधानसभा बजट चर्चा: CM योगी बोले- पशुधन, मत्स्य और पर्यावरण पर फोकस से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्थामुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Photo: PTI)

उत्‍तर प्रदेश विधानसभा में इन दिनों बजट 2026-27 पेश किए जाने के बाद इसपर चर्चा चल रही है. सरकार अपने कदमों का ब्‍योरा और विजन पर विस्‍तार से जानकारी दे रही है. इस दौरान आज विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालन, मत्स्य पालन, पर्यावरण संरक्षण और सहकारिता के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बहुआयामी मजबूती देना है. उन्होंने बताया कि बजट में इन सभी क्षेत्रों के लिए ठोस और दूरगामी प्रावधान किए गए हैं, ताकि गांवों में आय, रोजगार और संसाधनों का संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके.

बेसहारा गोवंश के लिए 2000 करोड़ का प्रावधान

मुख्यमंत्री ने कहा कि निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए बजट में 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसका उद्देश्य केवल गोवंश संरक्षण नहीं, बल्कि ग्रामीण सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को मजबूत करना भी है. उन्होंने यह भी साफ किया कि सरकार पशुधन की नस्ल सुधार पर विशेष ध्यान दे रही है, जिससे दुग्ध उत्पादन बढ़े और पशुधन की गुणवत्ता में सुधार हो. इससे सीधे तौर पर किसानों की आय में वृद्धि होगी.

ग्रामीण रोजगार और महिला सशक्तीकरण को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि बकरी, भेड़, सूअर और कुक्कुट पालन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है. स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिलाओं को इन गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है, ताकि उन्हें स्थायी आय के अवसर मिलें. छोटे स्तर पर शुरू होने वाली ये गतिविधियां गांवों में आर्थिक आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव बन सकती हैं.

मत्स्‍य पालन पर खास फोकस 

मत्स्य क्षेत्र पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इस क्षेत्र के विकास के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. निषादराज बोट योजना के तहत 1622 मछुआरों को नाव, जाल और लाइफ जैकेट उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे उनकी आजीविका अधिक सुरक्षित हुई है. 

इसके साथ ही वर्ल्ड फिश सेंटर की स्थापना, मत्स्य बीज और ब्रूड बैंक, फिश प्रोसेसिंग सेंटर, आधुनिक मत्स्य मंडी और इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क के विकास पर भी काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि लैंडलॉक्ड राज्य होने के बावजूद उत्तर प्रदेश को मत्स्य उत्पादन में अग्रणी बनाने का लक्ष्य रखा गया है.

“एक पेड़ मां के नाम” अभियान- 242 करोड़ पौधे लगे

पर्यावरण संरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत प्रदेश में अब तक 242 करोड़ से अधिक पौधरोपण किया जा चुका है. इससे वनाच्छादन लगभग 10 प्रतिशत तक पहुंच गया है. इस वर्ष 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है. साथ ही रानीपुर टाइगर रिजर्व के विकास, क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट और वानिकी एवं औद्यानिक विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए भी बजट में प्रावधान किए गए हैं.

सहकारिता क्षेत्र पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लघु और सीमांत किसानों को महंगे लोन से राहत दिलाने के लिए कोऑपरेटिव बैंकों के माध्यम से सस्ते लोन की व्यवस्था की गई है. इससे किसान कृषि और पशुपालन गतिविधियों का विस्तार कर सकेंगे और ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी.

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