पूसा किसान मेलापूसा कृषि विज्ञान मेला भारतीय किसानों के लिए किसी त्योहार से कम नहीं होता. इस साल, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) द्वारा आयोजित यह मेला 25 से 27 फरवरी, 2026 तक नई दिल्ली के पूसा मेला ग्राउंड में लगने जा रहा है. इस बार के मेले का मुख्य विषय 'विकसित कृषि - आत्मनिर्भर भारत' रखा गया है, जो सीधे तौर पर हमारी खेती-किसानी को आधुनिक बनाने और उसे वैश्विक स्तर पर मजबूती देने की सोच को दर्शाता है. यह मेला उन सभी के लिए एक बड़ी जगह है जो खेती को सिर्फ गुजारा नहीं, बल्कि एक मुनाफे वाला बिजनेस बनाना चाहते हैं.
इस साल के मेले की सबसे खास बात यह है कि इसे 'अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष' के रूप में समर्पित किया गया है. हम सब जानते हैं कि हमारे खेतों की असली ताकत महिलाएं ही हैं, फिर भी अक्सर उन्हें वह पहचान नहीं मिल पाती. इस बार मेले में महिला किसानों और युवाओं के लिए 'एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट' (उद्यमिता विकास) पर खास जोर दिया जा रहा है. इसका मकसद खेती से जुड़ी महिलाओं को नई तकनीक और बाजार के गुर सिखाना है ताकि वे अपनी मेहनत का सही मोल पा सकें और खुद का छोटा-बड़ा उद्योग खड़ा कर सकें.
मेले के आकर्षणों की बात करें तो यहां 'डिजिटल एग्रीकल्चर' और 'क्लाइमेट रेजिलिएंट एग्रीकल्चर' (जलवायु अनुकूल खेती) जैसे भारी-भरकम शब्दों को आसान भाषा में समझाया जाएगा. बदलते मौसम के साथ खेती करना मुश्किल होता जा रहा है, ऐसे में किसानों को ऐसी फसलों के बारे में बताया जाएगा जो कम पानी या ज्यादा गर्मी में भी अच्छा उत्पादन दे सकें. साथ ही, तकनीक का इस्तेमाल करके कैसे खाद, पानी और बीज की बचत की जाए, इसके लाइव डेमो भी दिखाए जाएंगे. डिजिटल खेती के जरिए अब किसान घर बैठे बाजार भाव और मौसम की सटीक जानकारी ले सकेंगे.
जो किसान बीज की तलाश में रहते हैं, उनके लिए यह मेला सबसे सही जगह है. यहां पूसा के बेहतरीन बीजों की बिक्री होगी और लाइव फसलों का प्रदर्शन (Live Crop Demonstration) भी दिखाया जाएगा. आप खेत में खड़ी फसल देखकर तय कर सकते हैं कि आपके इलाके के लिए कौन सा बीज बेहतर है. इसके अलावा, मेले में सरकारी योजनाओं, खेती की मार्केटिंग और 'स्टार्ट-अप' शुरू करने की पूरी जानकारी दी जाएगी. किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के जरिए किसान कैसे मिलकर अपनी फसल को अच्छे दामों पर बेच सकते हैं, इसकी ट्रेनिंग भी यहां उपलब्ध होगी.
अंत में, यह कहना गलत नहीं होगा कि अगर आप खेती में कुछ नया करना चाहते हैं, तो पूसा मेला आपके लिए एक 'वन-स्टॉप डेस्टिनेशन' है. चाहे वह नए बीजों की खरीदारी हो, आधुनिक मशीनों की जानकारी हो या कृषि विशेषज्ञों से सीधे बात करना, यहां सब कुछ एक ही जगह मिल जाएगा. दिल्ली के पूसा संस्थान में 25 फरवरी से शुरू होने वाला यह तीन दिवसीय कार्यक्रम खेती की दशा और दिशा बदलने वाला साबित हो सकता है. तो अपनी डायरी में तारीख नोट कर लें और इस महाकुंभ का हिस्सा जरूर बनें.
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