Egg: देसी अंडे के नाम पर धोखा! दोगुने दाम में बिक रहा केमिकल वाला अंडा

Egg: देसी अंडे के नाम पर धोखा! दोगुने दाम में बिक रहा केमिकल वाला अंडा

नकली अंडे बिकने के मामले बढ़ रहे हैं. ये अंडे असली अंडों जैसे दिखते हैं, लेकिन इन्हें केमिकल और आर्टिफिशियल रंगों से बनाया जाता है जो सेहत के लिए खतरनाक हैं. इस आर्टिकल में जानें कि नकली अंडों की पहचान कैसे करें, असली और नकली अंडों में क्या अंतर है, और नकली अंडे खाने से सेहत को क्या नुकसान हो सकते हैं.

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Egg: देसी अंडे के नाम पर धोखा! दोगुने दाम में बिक रहा केमिकल वाला अंडानकली अंडों का बड़ा खेल!

आजकल मार्केट में नकली अंडे मिलने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. ये नकली अंडे देखने में बिल्कुल असली जैसे लगते हैं, लेकिन इन्हें पूरी तरह केमिकल और आर्टिफिशियल मटेरियल से बनाया जाता है. हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में ऐसा ही मामला सामने आया, जहां खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक गोदाम में छापा मारकर बड़ी मात्रा में नकली देसी अंडे बरामद किए. इन्हें आर्टिफिशियल कलर लगाकर असली देसी अंडों की तरह दिखाया जाता था और भारी कीमत पर बेचा जाता था. आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि नकली अंडे क्या होते हैं, इन्हें कैसे पहचाना जाए और ये हमारे स्वास्थ्य के लिए कितने खतरनाक हैं.

नकली अंडे क्या होते हैं?

नकली अंडे पूरी तरह कृत्रिम तरीकों से बनाए जाते हैं. इनमें आमतौर पर ये चीजें मिलाई जाती हैं-

  • जिलेटिन
  • आर्टिफिशियल रंग
  • केमिकल
  • कोगुलेंट (गाढ़ा करने वाले पदार्थ)

बाहर से देखने पर ये बिल्कुल असली अंडों जैसे लगते हैं, लेकिन इनमें पोषण बिल्कुल नहीं होता. सबसे बड़ी चिंता यह है कि इनमें मौजूद रसायन शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं.

असली और नकली अंडे में अंतर कैसे पहचानें?

नकली अंडे असली जैसे दिखते हैं, लेकिन कुछ आसान तरीके अपनाकर इन्हें पहचाना जा सकता है.

1. अंडे के छिलके की बनावट

  • असली अंडा: छिलका थोड़ा खुरदुरा और दानेदार होता है. इसमें प्राकृतिक खामियां होती हैं.
  • नकली अंडा: छिलका जरूरत से ज्यादा चिकना, एक जैसा और हल्की चमक वाला होता है.

2. हिलाने पर कैसी आवाज आती है?

  • असली अंडा: हल्के हिलाने पर कोई आवाज नहीं होती.
  • नकली अंडा: हिलाने पर “छप-छप” जैसी आवाज सुनाई दे सकती है, क्योंकि अंदर तरल पदार्थ अलग-अलग हिलता है.

3. छिलका टूटने पर कैसा लगता है?

  • असली अंडा: आसानी से टूट जाता है और इसमें से एक पतली झिल्ली निकलती है.
  • नकली अंडा: इसका छिलका प्लास्टिक जैसा लगता है और बड़े-बड़े टुकड़ों में टूटता है.

4. जर्दी और सफेदी की बनावट

  • असली अंडा: जर्दी गोल और टाइट रहती है. सफेदी हल्की पतली और पारदर्शी होती है.
  • नकली अंडा: जर्दी ढीली होती है और जल्दी टूट जाती है. सफेदी या तो बहुत गाढ़ी या बिल्कुल पानी जैसी हो सकती है.

5. पकाने पर क्या फर्क पड़ता है?

  • असली अंडा: एक समान पकता है और स्वाद सामान्य रहता है.
  • नकली अंडा: पकने में असमानता होती है और स्वाद भी अजीब हो जाता है.

नकली अंडे से होने वाले स्वास्थ्य खतरे

नकली अंडे सबसे ज्यादा खतरनाक इसलिए हैं, क्योंकि इनमें उपयोग किए गए केमिकल शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं. ये समस्याएं हो सकती हैं-

  • पेट दर्द और पाचन संबंधी दिक्कतें
  • एलर्जी
  • इंफेक्शन
  • लंबे समय तक सेवन से शरीर में केमिकल जमा होना
  • भविष्य में गंभीर बीमारियों का खतरा

क्या कर सकते हैं आप?

अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए कुछ सावधानियां जरूर अपनाएं-

  • हमेशा भरोसेमंद दुकानदार या ज्ञात ब्रांड से ही अंडे खरीदें.
  • पैकेजिंग, लेबल और प्रोडक्शन जानकारी जरूर देखें.
  • घर पर छोटे–छोटे टेस्ट करके देखें कि अंडा असली है या नकली.
  • ऐसी घटनाओं के बारे में जागरूक रहें और दूसरों को भी बताएं.

बाजार में नकली अंडों का मिलना एक गंभीर खतरे का संकेत है. यह न केवल उपभोक्ता को धोखा देने जैसा है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद खतरनाक है. इसलिए सतर्क रहें, सही जानकारी रखें और खरीदारी करते समय सावधानी बरतें.

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