मोतिहारी को बड़ी सौगात: फिर शुरू होगी बंद चीनी मिल, फिश प्रोसेसिंग प्लांट का भी होगा निर्माण

मोतिहारी को बड़ी सौगात: फिर शुरू होगी बंद चीनी मिल, फिश प्रोसेसिंग प्लांट का भी होगा निर्माण

मोतिहारी में बंद पड़ी चीनी मिल फिर शुरू करने की तैयारी होगी. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मत्स्य समृद्धि क्लस्टर, फिश प्रोसेसिंग प्लांट और तेतरिया के कोठिया में एक्वाकल्चर पार्क बनाने का भी ऐलान किया.

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मोतिहारी को बड़ी सौगात: फिर शुरू होगी बंद चीनी मिल, फिश प्रोसेसिंग प्लांट का भी होगा निर्माणसीएम सम्राट चौधरी

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बापूधाम महोत्सव के शुभारंभ पर पूर्वी चंपारण के लिए बड़ी घोषणाएं की. इनमें सबसे चर्चित घोषणा मोतिहारी की बंद चीनी मिल को दोबारा चालू करने की रही. साथ ही उन्‍होंने मत्स्य समृद्धि क्लस्टर और फिश प्रोसेसिंग प्लांट का निर्माण जल्द शुरू करने का ऐलान किया और तेतरिया प्रखंड के कोठिया में एक्वाकल्चर पार्क बनाने की बात भी कही. ये फैसले स्थानीय किसानों और मछुआरों के लिए रोजगार और आमदनी के अहम माने जा रहे हैं.

बंद चीनी मिल फिर चलाने का संकेत

मुख्यमंत्री ने कहा कि मोतिहारी में बंद पड़ी चीनी मिल को दोबारा शुरू करने की दिशा में काम जल्द शुरू होगा. लंबे समय से बंद मिल के कारण गन्ना किसान और मजदूर दोनों प्रभावित रहे हैं. मिल चालू होने से आसपास के इलाके में गन्ना खरीद का ठिकाना बनेगा और स्थानीय रोजगार बढ़ सकता है. 

सरकार पहले भी राज्य की बंद मिलों को पुनरुद्धार से जोड़ने की बात कहती रही है. मोतिहारी की घोषणा उसी सोच का हिस्सा दिखती है. चीनी मिल के आसपास सड़क और नाले के काम का भी जिक्र हुआ, ताकि परिसर तक आवाजाही आसान हो. किसान लंबे समय से मिल दोबारा खुलने का इंतजार कर रहे थे, इसलिए यह ऐलान महोत्सव की सबसे बड़ी सौगात माना जा रहा है.

फिश प्रोसेसिंग प्लांट और क्लस्टर

उत्तर बिहार में मछली उत्पादन बढ़ाने की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने मोतिहारी में मत्स्य समृद्धि क्लस्टर और फिश प्रोसेसिंग प्लांट का शिलान्यास जल्द कराने को कहा. प्रोसेसिंग इकाई से मछली सिर्फ ताजा बिकने तक सीमित नहीं रहेगी. पैकिंग, मूल्य संवर्धन और बाजार तक पहुंच बढ़ने से मत्स्य पालकों को बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है. क्लस्टर मॉडल में पालन, बीज, आहार और बिक्री एक साथ जुड़ सकते हैं. इससे छोटे पालक भी श्रृंखला से जुड़ सकेंगे. बाढ़ वाले इलाके में मछली पालन आय का दूसरा आधार बन सकता है, बशर्ते प्रोसेसिंग और बाजार दोनों मजबूत हों.

कोठिया में एक्वाकल्चर पार्क

तेतरिया प्रखंड के कोठिया में एक्वाकल्चर पार्क बनाने की घोषणा भी मत्स्य क्षेत्र से जुड़ी है. पार्क में आधुनिक पालन, प्रशिक्षण और प्रदर्शन इकाईयां लग सकती हैं. किसान नई तकनीक देखकर अपने तालाब में अपना सकेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर बिहार में मछली उत्पादन पर व्यापक काम चल रहा है. 

मोतिहारी की ये योजनाएं उसी दिशा को स्थानीय स्तर पर ठोस रूप देने जैसी हैं. प्रोसेसिंग प्लांट और पार्क साथ चलें तो उत्पादन से लेकर बिक्री तक की कड़ी मजबूत हो सकती है. जीविका समूहों को भी पशुपालन से जोड़ने की बात कार्यक्रम में हुई.

285 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्‍यास हुआ

चीनी मिल दोबारा खुलने से गन्ना क्षेत्र को सहारा मिलेगा. फिश प्लांट और क्लस्टर से मछली पालकों को भंडारण और बाजार का रास्ता मिलेगा. दोनों काम पूर्वी चंपारण की ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े हैं. महोत्सव में जिले के लिए 285 करोड़ रुपये की 145 योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी हुआ, लेकिन चर्चा का केंद्र बंद मिल और मत्स्य इकाइयां ही रहीं. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से कृषि, मत्स्य पालन और उद्योग को गति मिलेगी.

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