Delhi Onion Price: दिल्लीवासियों को राहत, केंद्र देगा 1000 MT प्याज, 35 रुपये किलो में होगी बिक्री

Delhi Onion Price: दिल्लीवासियों को राहत, केंद्र देगा 1000 MT प्याज, 35 रुपये किलो में होगी बिक्री

दिल्ली में बढ़ती प्याज कीमतों के बीच केंद्र सरकार 1000 मीट्रिक टन प्याज उपलब्ध कराएगी. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज उचित मूल्य की दुकानों और मोबाइल वैन के जरिए सभी 13 जिलों में बेचा जाएगा. कांदा एक्सप्रेस से आई खेप के बावजूद बाजार में प्याज 50 से 60 रुपये किलो तक बिक रहा है.

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दिल्लीवासियों को राहत, केंद्र देगा 1000 MT प्याज, 35 रुपये किलो में होगी बिक्रीप्याज के भाव में तेजी (Photo-ITG)

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार दिल्ली को 1,000 मीट्रिक टन प्याज देगी, जिसे लोगों को 35 रुपये प्रति किलो के भाव पर बेचा जाएगा. दिल्ली CMO के एक बयान में उन्होंने कहा कि ये प्याज शहर के सभी 13 जिलों में उचित मूल्य की दुकानों और वैन के ज़रिए भी बेचे जाएंगे.

वैन के ज़रिए प्याज बेचने का मकसद यह पक्का करना है कि सस्ता प्याज उन इलाकों तक भी पहुंचे जहां लोगों के लिए उचित मूल्य की दुकानों तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है. बारिश की वजह से फसल खराब होने के कारण हाल के हफ्तों में प्याज की कीमतें बहुत बढ़ गई हैं. अभी दिल्ली के रिटेल बाजारों में प्याज लगभग 50-60 रुपये प्रति किलो मिल रही है.

दिल्ली सरकार ने प्याज खरीदने और उसे लोगों को सस्ती कीमतों पर उपलब्ध कराने का फैसला किया है.

मुख्यमंत्री ने साफ किया कि उनकी सरकार राजधानी में प्याज की कोई कमी नहीं होने देगी. CMO ने कहा कि सरकार का मकसद दिल्ली के लोगों के लिए जरूरी खाने-पीने की चीजों की पर्याप्त उपलब्धता पक्का करना है और साथ ही प्याज को उचित और सस्ती कीमतों पर उपलब्ध कराना है.

CM गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार प्याज की उपलब्धता और कीमतों पर कड़ी नजर रख रही है ताकि किसी भी हालत में राजधानी में इसकी कमी न हो.

प्याज के दाम घटाने की कवायद

पिछले कुछ दिनों से लगातार आसमान छू रही प्याज की कीमतों से परेशान दिल्लीवासियों को राहत देने के लिए सरकार ने खास तरह की कांदा एक्सप्रेस ट्रेन चलाई है. नासिक से चली विशेष 'कांदा एक्सप्रेस' भारी मात्रा में प्याज लेकर देश की राजधानी दिल्ली आई है. इस ट्रेन के जरिए कुल 456 मैट्रिक टन प्याज की खेप दिल्ली लाई गई. सरकार के इस कदम का सीधा मकसद बाजार में प्याज की बढ़ती कीमतों और महंगाई पर पूरी तरह से नियंत्रण पाना है.

कांदा एक्सप्रेस के दिल्ली पहुंचने के बाद 456 मीट्रिक टन प्याज को दिल्ली के 9 प्रमुख केंद्रीय भंडारों में भेजा गया. इसके बाद, केंद्रीय भंडार की तरफ से दिल्ली की अलग-अलग चिन्हित की गई लोकेशनों पर मोबाइल वैन तैनात की गई. इन मोबाइल वैन के जरिए दिल्ली के आम नागरिकों को मात्र 35 रुपये प्रति किलो के किफायती दाम पर बेहतरीन क्वालिटी की प्याज उपलब्ध कराई जा रही है. हालांकि मंडियों और बाजारों में अभी रेट में बड़ी गिरावट नहीं है.

कांदा एक्सप्रेस से आए इस प्याज की सप्लाई को दिल्ली के साथ-साथ उत्तर प्रदेश (यूपी) और हरियाणा के भी कुछ चिन्हित हिस्सों तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि वहां के लोगों को भी महंगे प्याज से तुरंत निजात मिल सके.

प्याज के दाम में बहुत राहत नहीं

सरकार के इस प्रयास के बावजूद खुदरा बाजार में प्याज के दाम बढ़े हुए हैं. रविवार को दिल्ली के प्रसिद्ध सब्जी बाजारों में से एक ओखला सब्जी मंडी में प्याज की कीमत प्रति 5 किलो 240 और 250 रुपये नजर आई. इस दौरान लोगों ने बताया कि खुदरा बाजार में प्याज की कीमत 60,70,80 रुपये किलो है. थोक में कीमतें कुछ कम है जहां रेट 48,50 रुपये प्रति किलो चल रहा है.

कालाबाजारी से बढ़ी कीमतें

अभी हाल में कंज्यूमर अफेयर्स सेक्रेटरी निधि खरे ने कहा कि कालाबाजारी, जमाखोरी और मुनाफाखोरी की वजह से कीमतें बढ़ी हैं. उन्होंने कहा कि त्योहारों के मौसम में मांग पूरी करने के लिए देश में प्याज की पर्याप्त सप्लाई है.

खरे ने कहा कि सरकार प्याज के एक्सपोर्ट पर रोक लगाने पर विचार नहीं कर रही है, क्योंकि सप्लाई की कोई समस्या नहीं है. अप्रैल-जून 2026 के दौरान प्याज का एक्सपोर्ट लगभग 3.82 लाख टन था. उन्होंने प्याज ले जा रहे कई छोटे ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे बफर स्टॉक वाले प्याज की 35 रुपये प्रति किलो की दर से रिटेल बिक्री शुरू हुई.

रिटेल बिक्री तीन एजेंसियों - नेफेड (Nafed), एनसीसीएफ (NCCF) और केंद्रीय भंडार के ज़रिए की जा रही है. मदर डेयरी भी अपने सफल (Safal) स्टोर्स के जरिए बिक्री कर रही है.

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