Moringa Benefits: सेनेटरी नैपकिन के लिए भी होगा मोरिंगा का प्रयोग! जानें आखिर क्‍या सोचते हैं वैज्ञानिक 

Moringa Benefits: सेनेटरी नैपकिन के लिए भी होगा मोरिंगा का प्रयोग! जानें आखिर क्‍या सोचते हैं वैज्ञानिक 

रिसर्चर्स के अनुसार मोरिंगा में 90 से ज्‍यादा बायोएक्टिव कम्पोनेंट होते हैं. इनमें विटामिन, मिनरल, अमीनो एसिड, एंटीऑक्सीडेंट और न्यूट्रिएंट्स शामिल हैं. ये सभी कम्पोनेंट सीधे वजाइनल हेल्थ और ओवरऑल बैलेंस में योगदान देते हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि मोरिंग के एंटीमाइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण इसे सैनिटरी पैड की ऊपरी परत पर इस्तेमाल के लिए खास तौर पर उपयोगी बनाते हैं. 

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Moringa Benefits: सेनेटरी नैपकिन के लिए भी होगा मोरिंगा का प्रयोग! जानें आखिर क्‍या सोचते हैं वैज्ञानिक 

यूं तो आपने मोरिंगा के कई तरह के प्रयोग सुने होंगे लेकिन क्‍या आपने कभी सुना है कि इसका प्रयोग अब सैनिटरी पैड्स के लिए भी किया जा सकेगा. जी हां, एक्‍सपर्ट्स एक्सपर्ट्स ने सैनिटरी पैड्स में नैचुरल चीज के तौर पर मोरिंगा के प्रयोग का सुझाव दिया है. उनका मानना है कि यह पौधा पीरियड्स को ज्‍यादा सहने लायक बनाने और इंटरनल हाइजीन को काफी बेहतर बनाने में मदद कर सकता है. एक्सपर्ट्स का दावा है कि यह इंफेक्‍शन का भी खतरा इससे कम हो सकेगा. 

90 से ज्‍यादा बायोएक्टिव कम्पोनेंट

रिसर्चर्स के अनुसार मोरिंगा में 90 से ज्‍यादा बायोएक्टिव कम्पोनेंट होते हैं. इनमें विटामिन, मिनरल, अमीनो एसिड, एंटीऑक्सीडेंट और न्यूट्रिएंट्स शामिल हैं. ये सभी कम्पोनेंट सीधे वजाइनल हेल्थ और ओवरऑल बैलेंस में योगदान देते हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि मोरिंग के एंटीमाइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण इसे सैनिटरी पैड की ऊपरी परत पर इस्तेमाल के लिए खास तौर पर उपयोगी बनाते हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि यही लेयर पीरियड्स के दौरान सेंसिटिव स्किन के सीधे संपर्क में होती है. 

हार्ड केमिकल से फ्री मोरिंगा 

एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि मोरिंगा SLS, SLES, पैराबेंस और सल्फेट जैसे हार्ड केमिकल्स से मुक्त है. ऐसे में यह जलन पैदा नहीं करता है और सेंसिटिव स्किन सहित सभी तरह की स्किन के लिए सही है. इसके अलावा कुछ सिंथेटिक एडिटिव्स के उलट, यह नैचुरल ऑयल को नहीं हटाता है या वजाइनल माइक्रोबायोम को परेशान नहीं करता है.इससे यह रोजाना इंटिमेट हाइजीन के लिए सही है. 

क्‍या बोले डॉक्‍टर 

मैक्स हॉस्पिटल, दिल्ली की सीनियर कंसल्टेंट, ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी, डॉक्‍टर रिचा सिंघल के हवाले से न्‍यू इंडियन एक्‍सप्रेस ने लिखा, 'सैनिटरी पैड की ऊपरी शीट पीरियड्स के दौरान कई दिनों तक सीधे महिला की सेंसिटिव, प्राइवेट स्किन के कॉन्टैक्ट में आती है. ऐसे में इसे स्किन-फ्रेंडली बनाने की जरूरत है.' उन्होंने कहा कि रिसर्च से पता चलता है कि मोरिंगा एक ऐसा नेचुरल इंग्रीडिएंट है जिसमें वजाइनल इन्फेक्शन के रिस्क को कम करने की काफी संभावना है. उन्होंने आगे कहा कि मोरिंगा नेचुरली गीलेपन और खराब बदबू को कंट्रोल करने में मदद करता है.

क्‍या कहती हैं स्‍टडीज 

अप्रैल 2025 में भी एक स्‍टडी हुई थी जिसे इंटरनेशनल पीयर-रिव्यूड जर्नल लाइफ में जगह मिली थी. इस स्‍टडी के अनुसार बुल्गारिया के वैज्ञानिकों  ने भारत से मंगाए गए मोरिंगा के पत्तों की जांच की और पाया कि उनमें काफी एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीस्पास्मोडिक और एंटीमाइक्रोबियल एक्टिविटी होती है. वहीं कुछ विशेषज्ञ यह भी कहते हैं मोरिंग के सैनिटरी पैड में यूज के चांस फिलहाल कम हैं. 

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