अमरावती में ई-लॉटरी से 115 प्लॉट्स का वितरण (सांकेतिक फोटो)अमरावती की ग्रीनफील्ड राजधानी के लिए आंध्र प्रदेश कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (APCRDA) ने शुक्रवार को किसानों को 115 रिटर्नेबल प्लॉट्स आवंटित किए. ये वे किसान हैं जिन्होंने अपनी जमीन राजधानी परियोजना के लिए साझा की थी. प्लॉट्स का वितरण ई-लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से पारदर्शी ढंग से किया गया. शुरू में 16 CRDA यूनिट्स के तहत 145 प्लॉट्स देने की योजना बनाई गई थी, लेकिन कुछ किसानों ने अपनी 30 प्लॉट्स को बाद में आवंटित करने का अनुरोध किया. इसलिए आज केवल 115 प्लॉट्स ही बांटे गए. APCRDA ने प्रेस विज्ञप्ति में यह भी स्पष्ट किया कि आज जिन प्लॉट्स का आवंटन हुआ है, वे सभी साझा किए गए भूमि क्षेत्र के भीतर ही हैं और राजधानी के बाहर कोई प्लॉट नहीं दिया गया.
किसानों को दिए गए प्लॉट्स का वितरण कई गांवों में हुआ. कुरुगल्लु 1 और 2 में पांच-पांच प्लॉट्स, वेलगापुडी और मलकापुरम में दस-दस प्लॉट्स, मंडदाम 1 और 2 में पंद्रह-पंद्रह प्लॉट्स, निदामर्रु 1 और 2 में 58 प्लॉट्स, पेनुमाका और लिंगयापालेम में छह-पहले प्लॉट्स, नेलापाडु में दो प्लॉट्स, जबकि नेक्कालु, अनंतवरम और डोंडापाडु में एक-एक प्लॉट आवंटित किए गए. इस तरह ई-लॉटरी के माध्यम से किसानों को उनके हक का हिस्सा मिला और सभी को समान अवसर प्रदान किया गया.
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की अमरावती परियोजना के लिए आंध्र प्रदेश सरकार ने कुल 54,000 एकड़ भूमि को एकत्र किया है. इसमें से 34,281 एकड़ भूमि 29,881 किसानों द्वारा 29 गांवों से योगदान की गई. किसानों का यह योगदान राजधानी के निर्माण और भविष्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण है. इससे किसानों को उनकी जमीन का लाभ प्राप्त होता है और परियोजना के लिए आवश्यक भूमि सुरक्षित रहती है.
सरकार ने अमरावती परियोजना के विस्तार के लिए भूमि पूलिंग का दूसरा चरण भी शुरू कर दिया है. इस चरण का उद्देश्य है और अधिक भूमि को परियोजना के लिए सुरक्षित करना और ज्यादा किसानों को भागीदारी का मौका देना. इससे राजधानी का निर्माण तेजी से और व्यवस्थित रूप से हो सकेगा. इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित होता है कि किसानों को उनके योगदान का उचित लाभ मिलेगा और परियोजना के हर चरण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित होगी.
किसानों को रिटर्नेबल प्लॉट्स मिलना उनके लिए एक बड़ा लाभ है. यह प्लॉट्स उनकी साझा की गई भूमि के बदले दिए जा रहे हैं और इससे उन्हें उनकी जमीन का उचित मूल्य मिलता है. भूमि पूलिंग से परियोजना समय पर पूरी होती है और किसानों को उनकी भागीदारी के लिए प्रतिफल मिलता है. ई-लॉटरी प्रणाली के कारण यह प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रहती है, जिससे कोई भी किसान अन्याय या भेदभाव का शिकार नहीं होता.
अमरावती के लिए भूमि साझा करने वाले किसानों को आज 115 प्लॉट्स आवंटित किए गए हैं. यह कदम किसानों के हितों की सुरक्षा और परियोजना की सफलता दोनों के लिए महत्वपूर्ण है. आने वाले समय में भूमि पूलिंग का दूसरा चरण शुरू होगा, जिससे और अधिक भूमि संग्रहित की जाएगी और और अधिक किसानों को लाभ मिलेगा. इस तरह, ई-लॉटरी और पारदर्शी प्रणाली से किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है और परियोजना के हर कदम में उनके हितों का ध्यान रखा जा रहा है.
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