PM मोदी ने किया AIF लक्ष्य दोगुनाकेंद्र सरकार ने कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) का क्रेडिट लक्ष्य ₹1 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹2 लाख करोड़ करने की मंजूरी दे दी है. यह प्रक्रिया अप्रैल के मध्य तक पूरी होने की संभावना है. सरकार यह कदम इसलिए उठा रही है ताकि देश की कृषि व्यवस्था और मजबूत हो और किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार निवेश और कर्ज मिल सके. कुछ नियमों में भी बदलाव किए जा सकते हैं, ताकि यह लक्ष्य जल्दी पूरा हो सके.
AIF योजना 2020 में शुरू हुई थी. इसके तहत किसानों को बैंक से कर्ज मिलता है, जिस पर ब्याज दर 6% है, जबकि केंद्र सरकार 3% ब्याज की सब्सिडी देती है. इस योजना का मकसद किसानों की कृषि अवसंरचना को मजबूत करना है. अब नई सरकारी योजनाओं के साथ इसे जोड़कर और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है.
उदाहरण के लिए, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) जुलाई 2025 में शुरू हुई. इसमें 100 चयनित जिलों में कृषि अवसंरचना का विकास प्रमुख उद्देश्य है. अगर इन जिलों में AIF के प्रोजेक्ट्स के लिए ब्याज सब्सिडी बढ़ाई जाए या कुछ धनराशि माफ की जाए, तो PMDDKY योजना सफल हो सकती है.
PMDDKY योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादन बढ़ाना, फसलों में विविधता लाना, सतत कृषि प्रथाओं को अपनाना, पंचायत और ब्लॉक स्तर पर पोस्ट-हार्वेस्ट स्टोरेज बढ़ाना, सिंचाई की सुविधाएं बढ़ाना और किसानों को दीर्घकालिक तथा अल्पकालिक क्रेडिट की सुविधा देना है.
2020 से अब तक सरकार ने ₹84,034 करोड़ के कर्ज को 1,67,452 परियोजनाओं में मंजूरी दी है. कुल निवेश लगभग ₹1.33 लाख करोड़ का है. अब तक कुल ₹61,823 करोड़ का कर्ज वितरण हुआ है, और लगभग 19,653 परियोजनाएं अभी क्रेडिट पाने की प्रतीक्षा में हैं.
कृषि क्षेत्र में प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र, गोदाम और कोल्ड स्टोर्स में सबसे ज्यादा निवेश हुआ है. बैंक और कोऑपरेटिव्स ने इन क्षेत्रों में क्रमशः ₹21,327.53 करोड़, ₹16,365.35 करोड़ और ₹10,001.95 करोड़ का क्रेडिट मंजूर किया. इसके अलावा 46,067 कस्टम हायरिंग सेंटर (जहां किसान मशीनें किराए पर ले सकते हैं) के लिए लगभग ₹6,768 करोड़ का क्रेडिट मंजूर हुआ. इसका मतलब है कि प्रति प्रोजेक्ट औसत क्रेडिट ₹15 लाख से कम है.
अब AIF का लक्ष्य बढ़ाने से भारत में कृषि यंत्रीकरण और तेजी से बढ़ेगा. इससे छोटे और बड़े किसान दोनों को लाभ मिलेगा. मशीनें, गोदाम और प्रसंस्करण केंद्र बनने से किसान अपनी फसल को ज्यादा सुरक्षित और अच्छी कीमत पर बेच सकेंगे.
AIF का बढ़ा हुआ लक्ष्य और नई योजनाओं के साथ तालमेल भारत की कृषि को मजबूत बनाने में मदद करेगा. इससे किसानों को कर्ज लेने में आसानी होगी, उनकी कृषि अवसंरचना बेहतर होगी और कृषि उत्पादन में सुधार आएगा. केंद्र की यह पहल भारतीय किसानों के लिए एक बड़ी राहत और अवसर साबित हो सकती है.
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