एडेनियम से किसानों को लाभ ही लाभबाजार में तरह-तरह के सजावटी फूल बिक रहे हैं. इन फूलों की नर्सरियां भी खूब बिकती हैं. इसी में एक फूल है एडेनियम. यह देखने में इतना खूबसूरत होता है कि एक बार में सबका ध्यान खिंचा चला आता है. आप भी इसे देखेंगे तो घर या बगीचे में लगाने का मन करेगा. व्यावसायिक स्तर पर इसकी खेती करें तो आपको लाभ भी होगा. अगर आप किसान हैं तो एडेनियनम की खेती के बारे में विस्तार से बता रहे हैं.
एडेनियम मूल रूप से अफ्रीका और अरब देश का पौधा है लेकिन अब भारत में भी इसे व्यापक रूप से उगाया जा रहा है. इसे कैक्टस के क्लास में भी रखा गया है. इस पौधे की देखभाल करना बाकी पौधों की तुलना में बहुत ही आसान है, लेकिन कुछ बातों का बहुत ध्यान देने की जरूरत है.
एडेनियम को रेगिस्तानी गुलाब के नाम से भी जाना जाता है. इसकी बहुत सारी प्रजातियां हैं जिसमें से मुख्य एडेनियम ओबेसम है जो समशीतोष्ण क्षेत्र में आसानी से उगाई जा सकती है. इसे बोनसाई के रूप में उगा सकते हैं. यह एक सदाबहार या सूखापन में भी उगने वाला रसीला पौधा है जो ठंड के मौसम में अपने पत्ते को गिरा देता है. इसका तना मोटा फूला हुआ होता है.
एडेनियम की उम्र लगभग 25 से 30 साल होती है. फूल का रंग गुलाबी रंग के साथ और भी कई कलर में होते हैं. इसकी खेती के लिए धूप वाले स्थान सबसे अच्छे होते हैं. एडेनियम सर्दियों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री और गर्मियों में अधिकतम 42 डिग्री तक तापमान बर्दाश्त कर सकता है. गर्म वातावरण में इसके पौधों में बहुत ही अधिक मात्रा में फूल आते हैं.
इसको लगाने के लिए अच्छी तरह से सूखी मिट्टी का मिश्रण तैयार करें जिसमें मिट्टी, रेत और कोकोपीट को 2:1:1 के अनुपात में तैयार करना चाहिए. इसे लगाने के बाद सिंचाई करना चाहिए. गर्मियों में 7 से 10 दिनों के अंतराल पर और सर्दियों में 15 से 20 दिनों के अंतराल पर पानी देना चाहिए. इसके पौधों की कटाई छंटाई के लिए मार्च का महीना उपयुक्त माना जाता है. इसे बहुत कम मात्रा में पानी की जरूरत होती है.
एडेनियम का पौधा जितना पुराना होता है उतना ही खूबसूरत होता है. इसे ज्यादा गहराई वाले गमले में नहीं लगाना चाहिए. चार या पांच इंच की गहराई वाले ट्रे पॉट सबसे उपयुक्त होता है. इसके पौधे मुख्य रूप से बीज या तने की कटिंग से लगाए जाते हैं. साथ ही हाइब्रिड पौध तैयार करने के लिए अंकुर के साथ ग्राफ्टिंग भी किया जाता है.
एडेनियम का एक पौधा तैयार करने में मुख्य रूप से 20 से 25 रुपये तक का खर्च आता है और तैयार पौधों को 150 से 300 रुपये तक के मूल्य में बेचा जा सकता है. इस प्रकार एडेनियम की पौध तैयार कर बेरोजगार लोग नर्सरी व्यवसाय शुरू कर सकते हैं. इससे अन्य लोगों को भी रोजगार की मुख्य धारा से जोड़ सकते हैं.
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