
तिल की खेतीखरीफ सीजन आते ही किसान इस सीजन में प्रमुख फसल धान की खेती में जुट गए हैं. लेकिन कुछ किसान ऐसे भी हैं जो पारंपरिक फसलों के अलावा खरीफ की अन्य फसलों की खेती करना चाहते हैं, उनके लिए तिल की खेती बेस्ट है. दरअसल तिल की खेती खरीफ सीजन में की जाती है. यह किसानों के लिए फायदेमंद मानी जाती है क्योंकि इसकी खेती में लागत कम आती है और कम लागत में भी यह अच्छी पैदावार देती है. ऐसे में अगर आप भी इस सीजन तिल की खेती करना चाहते हैं तो इसकी RT-372 किस्म बेस्ट है. आइए जानते हैं उस उन्नत किस्म के कहां से ले सकते हैं बीज और क्या है उसकी खासियत.
किसान नकदी फसलों की खेती की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं. इससे किसानों की बंपर कमाई भी हो रही है. इसलिए किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती कर रहे हैं. ऐसे में किसानों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय बीज निगम ऑनलाइन तिल की RT-372 किस्म का बीज बेच रहा है. इस बीज को आप एनएससी के ऑनलाइन स्टोर से खरीद कर बंपर कमाई कर सकते हैं. साथ ही इसे ऑनलाइन ऑर्डर करके अपने घर भी मंगवा सकते हैं.
ये तिल की एक खास वैरायटी है. तिल की RT-372 एक उन्नत और अधिक उपज देने वाली किस्म है, जिसे खरीफ मौसम की खेती के लिए उपयुक्त माना जाता है. यह किस्म लगभग 85 से 95 दिनों में पककर तैयार हो जाती है, जिससे किसानों को कम समय में अच्छी पैदावार प्राप्त होती है. इसके पौधे मजबूत होते हैं और सूखे जैसी परिस्थितियों को भी काफी हद तक सहन कर सकते हैं, इसलिए कम वर्षा वाले क्षेत्रों में भी इसकी खेती आसानी से की जा सकती है. RT-372 के बीजों में तेल की मात्रा अधिक होती है. इसके दाने अच्छी क्वालिटी वाले और रोगों के प्रति सहनशील मानी जाती है, इसलिए यह राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों के किसानों के बीच लोकप्रिय हो रही है.

अगर आप भी तिल की RT-372 किस्म की खेती करना चाहते हैं तो इस किस्म के बीज का दो किलो का पैकेट फिलहाल 5 फीसदी की छूट के साथ 570 रुपये में राष्ट्रीय बीज निगम की वेबसाइट पर मिल जाएगा. इसे खरीद कर आप आसानी से तिल की खेती कर सकते हैं. ऐसे में इस बीज को खरीद कर आप तिल की खेती कर सकते हैं.
खरीफ सीजन में तिल की बुवाई के लिए जून के अंतिम सप्ताह से लेकर जुलाई के मध्य तक का समय सबसे उत्तम माना जाता है. तिल की खेती के लिए अच्छी जल निकासी वाली चिकनी मिट्टी बेस्ट होती है. वहीं, तिल की खेती में पानी की कम जरूरत पड़ती है. साथ ही इससे पशुओं के लिए चारा भी उपलब्ध हो जाता है. तिल की खेती के लिए खेत की तैयारी करते समय किसान इस बात का ध्यान रखें कि खेत में खरपतवार ना हो. वहीं तिल की बुवाई करते समय पंक्ति से पंक्ति की दूरी लगभग 30 सेमी और पौधे से पौधे की दूरी 10 सेमी रखनी चाहिए.
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