किसानों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम, Amazon-Flipkart समेत कई कंपनियों को नोटिस जारी

किसानों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम, Amazon-Flipkart समेत कई कंपनियों को नोटिस जारी

CCPA ने Amazon, Flipkart, Meesho और JioMart को कथित तौर पर बिना पंजीकरण वाले “Cyclosinone Herbicide” की ऑनलाइन बिक्री को लेकर नोटिस जारी किया है. जांच में उत्पाद की जरूरी जानकारी और लाइसेंस विवरण गायब पाए गए. सरकार ने इसे किसानों और उपभोक्ताओं की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है.

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किसानों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम, Amazon-Flipkart समेत कई कंपनियों को नोटिस जारीCCPA notice Amazon Flipkart

केंद्र सरकार की उपभोक्ता संरक्षण संस्था CCPA ने किसानों और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए Amazon, Flipkart, Meesho और JioMart जैसी बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों को नोटिस जारी किया है. मामला ऑनलाइन बेचे जा रहे “साइक्लोसिनोन हर्बिसाइड” (Cyclosinone Herbicide) नाम के एक उत्पाद से जुड़ा है. आरोप है कि यह उत्पाद बिना सही पंजीकरण और जरूरी जानकारी के ऑनलाइन बेचा जा रहा था.

क्या है पूरा मामला

यह मामला तब सामने आया जब क्रॉप केयर फेडरेशन ऑफ इंडिया (CCFI) ने कृषि मंत्रालय के जरिए शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में कहा गया कि “साइक्लोसिनोन हर्बिसाइड” नाम का उत्पाद कीटनाशक अधिनियम 1968 की सूची में शामिल नहीं है, फिर भी इसे ऑनलाइन बेचा और प्रचारित किया जा रहा है.

इसके अलावा उत्पाद की जानकारी में कई जरूरी बातें भी नहीं दी गई थीं. जैसे कि उसमें कौन-सा रसायन इस्तेमाल हुआ है, उसकी असली केमिकल पहचान क्या है और उसका लाइसेंस वैध है या नहीं. ये जानकारी खासतौर पर किसानों के लिए बहुत जरूरी मानी जाती है, क्योंकि गलत या अधूरी जानकारी से फसल और स्वास्थ्य दोनों को नुकसान हो सकता है.

कंपनियों ने हटाए प्रोडक्ट

CCPA की तरफ से नोटिस मिलने के बाद Amazon, Flipkart, Meesho और JioMart ने तुरंत अपने प्लेटफॉर्म से इस उत्पाद की लिस्टिंग हटा दी. साथ ही जिन विक्रेताओं ने यह उत्पाद बेचा था, उनके अकाउंट की भी जांच शुरू कर दी गई है.

हालांकि CCPA ने कहा कि सिर्फ प्रोडक्ट हटाना काफी नहीं है. मामले की पूरी जांच की जाएगी ताकि पता चल सके कि यह उत्पाद कब से बेचा जा रहा था और नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया.

क्या-क्या कमी मिली

CCPA की जांच में सामने आया कि उत्पाद की लिस्टिंग में कई जरूरी जानकारियां गायब थीं. इनमें रासायनिक संरचना, वैध लाइसेंस नंबर, लाइसेंस की समय सीमा और खतरनाक रसायन होने की चेतावनी जैसी बातें शामिल हैं.

सरकार का कहना है कि ऐसी अधूरी जानकारी उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकती है. खासकर किसान, जो इन उत्पादों पर भरोसा करके अपनी फसलों में इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए यह बड़ा खतरा बन सकता है.

ऑनलाइन कंपनियों के लिए नियम क्या कहते हैं

सरकार ने साफ किया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को किसी भी कीटनाशक या कृषि रसायन को बेचने से पहले विक्रेता का लाइसेंस जांचना जरूरी होता है. यह नियम Insecticides Rules 2022 के तहत लागू है.

अगर कोई कंपनी बिना जांच के ऐसे उत्पाद बेचने देती है, तो यह उपभोक्ता संरक्षण कानून 2019 और ई-कॉमर्स नियम 2020 का उल्लंघन माना जा सकता है.

किसानों और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सबसे जरूरी

CCPA ने कहा कि ऑनलाइन खरीदारी की सुविधा जरूरी है, लेकिन इसके कारण लोगों की सुरक्षा और कानूनों से समझौता नहीं किया जा सकता. संस्था ने साफ किया कि भविष्य में भी ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

सरकार का मानना है कि खेती, स्वास्थ्य और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े उत्पादों में सही जानकारी और पारदर्शिता बेहद जरूरी है, ताकि लोग सुरक्षित तरीके से इनका इस्तेमाल कर सकें.

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