20 जनवरी से गेहूं की सरकारी खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.मध्य प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. राज्य सरकार ने किसानों से गेहूं की बिक्री के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कहा है. रजिस्ट्रेशन के लिए पूरी प्रक्रिया भी बताई है. राज्य सरकार ने गेहूं किसानों को अधिक लाभ देने के लिए बोनस देने की भी घोषणा की है. राज्य सरकार के अनुसार गेहूं किसानों को प्रति क्विटंल 125 रुपये बोनस दिया जाएगा. जबकि, केंद्र सरकार ने प्रति क्विंटल 150 रुपये एमएसपी भी बढ़ा दिया है.
मध्य प्रदेश में गेहूं का औसत रकबा 75 लाख हेक्टेयर है और इसमें से 90 फीसदी से अधिक क्षेत्रफल में बुवाई पूरी हो चुकी है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार देशभर में इस बार किसानों गेहूं की खेती में खासी दिलचस्पी दिखाई है. यही वजह है कि इस वर्ष लगभग 324.38 लाख हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 315.63 लाख हेक्टेयर की तुलना में करीब 14 लाख हेक्टेयर है.
मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के गेहूं किसानों से अपील करते हुए कहा है कि वह अपनी उपज की बिक्री के लिए रजिस्ट्रेशन करा लें. राज्य सरकार ने पिछली बार प्रति क्विंटल गेहूं के दाम में 125 रुपये बोनस दिया था, इस बार भी बोनस देने की घोषणा की गई है. जबकि, केंद्र सरकार ने गेहूं के एमएसपी में 150 रुपये बढ़ा दिया है. इस तरह से गेहूं का एमएसपी 2,425 रुपये प्रति क्विंटल है. लेकिन, बोनस 125 रुपये जुड़ने के बाद राज्य के किसानों को गेहूं का भाव 2,550 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा.
राज्य के कृषि मंत्रालय के अनुसार 20 जनवरी से गेहूं की सरकारी खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो 31 मार्च 2025 तक जारी रहेगी. राज्य सरकार ने किसानों से कहा है कि मुफ्त रजिस्ट्रेशन के लिए वह ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालय, सहकारी समितियां में निशुल्क रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. जबकि, 50 रुपये फीस देकर किसान एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र पर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं.
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