पाला-शीतलहर और घने कोहरे ने बढ़ाई किसानों की मुसीबत, IMD ने जारी किया ये सलाह

पाला-शीतलहर और घने कोहरे ने बढ़ाई किसानों की मुसीबत, IMD ने जारी किया ये सलाह

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सर्दी को देखते हुए कृषि संबंधी सलाह जारी की है. जिसमें अगले कुछ दिनों में कई स्थानों पर शीतलहर और घने से बहुत घने कोहरे की चेतावनी दी गई है. वहीं, इस ठंड ने किसानों की मुसिबत बढ़ा दी है.

Advertisement
पाला-शीतलहर और घने कोहरे ने बढ़ाई किसानों की मुसीबत, IMD ने जारी किया ये सलाहIMD ने किसानों की दी सलाह (AI तस्वीर)

सर्दी बढ़ने के साथ शीतलहर और पाले का खतरा बढ़ता जा रहा है. कई राज्यों में तापमान सामान्य से नीचे है जिससे शीतलहर और पाले की संभावना बढ़ गई है. ऐसे में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हरियाणा के लिए कृषि संबंधी सलाह जारी की है, जिसमें अगले कुछ दिनों में कई स्थानों पर शीतलहर और घने से बहुत घने कोहरे की चेतावनी दी गई है, जबकि पूरे राज्य में बारिश की संभावना से इनकार किया गया है. IMD के अनुसार, हरियाणा में अगले पांच दिनों तक शुष्क मौसम रहने की संभावना है. साथ ही 10 जनवरी तक बारिश की कोई संभावना नहीं है. इसके अलावा न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास रहने का अनुमान है, जिससे किसानों की मुसीबत बढ़ गई है.

दोपहर के समय सिंचाई करें किसान

IMD ने किसानों को सलाह दी है कि वे कोहरे के प्रतिकूल प्रभावों से बचने के लिए दोपहर के समय सिंचाई करें, विशेष रूप से तब जब गेहूं कलियां निकलने की अवस्था में हो, सरसों में फूल आने की अवस्था हो और सब्जियों की फसलों के लिए सिंचाई करें.  किसानों को कोहरे की स्थिति में सुबह-सुबह सिंचाई करने से बचने के लिए कहा गया है.

सरसों की फसल के लिए IMD की सलाह

सरसों की फसल के लिए, सलाह में तना सड़न और सफेद रतुआ रोगों से बचाव के लिए बताए गए उपाय अपनाएं, जिसमें निर्धारित चरणों में उचित फफूंद नाशक का प्रयोग शामिल है. आलू और गन्ने की फसलों में किसानों को उचित जल निकासी सुनिश्चित करने और रोगग्रस्त खेतों से पानी के बहाव को सीमित करने की सलाह दी गई है.

ठंड में पशुपालकों के लिए सलाह

ठंड के मौसम को देखते हुए किसानों को सलाह दी गई है कि वे पशुओं को कम तापमान से बचाने के लिए रात में उन्हें घर के अंदर रखें, गर्म पानी उपलब्ध कराएं और ठंडी हवाओं से बचाते हुए पर्याप्त वेंटिलेशन सुनिश्चित करें. साथ ही खनिज मिश्रण और आयोडीन युक्त नमक के पूरक आहार की भी सिफारिश की गई है.

IMD ने किसानों से आग्रह किया है कि वे मौजूदा स्थितियों के दौरान फसलों और पशुओं के नुकसान को कम करने के लिए आधिकारिक मौसम संबंधी अपडेट और कृषि संबंधी सलाहों पर नियमित रूप से नजर रखें. साथ ही आम लोगों विजिबिलिटी और ठंड की स्थिति के कारण सुबह और शाम के समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

IMD ने बताया शीतलहर का पैमाना

मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, शीतलहर उसे कहा जाता है जब अधिकतम तापमान मौसमी सामान्य तापमान से 4.5 से 6.4 डिग्री कम हो. यदि तापमान मौसमी सामान्य तापमान से 6.5 डिग्री कम हो जाता है, तो उसे अत्यधिक शीतलहर माना जाता है. (ANI)

POST A COMMENT