मिट्टी की सेहत बताने वाला मोबाइल ऐप जल्द लॉन्च होगाकेंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा कि सरकार जल्द ही किसानों के लिए एक मोबाइल ऐप लाएगी जिससे उन्हें मिट्टी की सेहत का पता लगाने में मदद मिलेगी. साथ ही, उन्होंने खादों के संतुलित और समझदारी भरे इस्तेमाल पर जोर दिया. मंत्री ने रासायनिक खादों पर निर्भरता को प्राकृतिक रूप से कम करने के लिए जैविक खेती के तरीकों को अपनाने की भी वकालत की.
हरियाणा के रेवाड़ी जिले के बावल में 'खेत बचाओ अभियान' के समापन समारोह में लोगों को संबोधित करते हुए चौहान ने रासायनिक खादों के अंधाधुंध इस्तेमाल पर चिंता जताई. एक महीने तक चलने वाला 'खेत बचाओ अभियान' 1 जून को मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से शुरू किया गया था.
मंत्री ने कहा कि जल्द ही किसान अपने मोबाइल फोन पर एक ऐप डाउनलोड कर सकेंगे. उन्होंने कहा, "आप अपने खेत में खड़े होंगे और आपका मोबाइल आपको बताएगा कि आपकी मिट्टी में कौन से पोषक तत्व हैं और कितना उर्वरक डालना चाहिए. हम इस पर भी काम कर रहे हैं ताकि आपको कोई परेशानी न हो. मैं आपसे फिर से अनुरोध करता हूं कि तकनीक का इस्तेमाल करके संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करें."
अभी किसानों को संबंधित राज्य सरकारों द्वारा जारी एक फिजिकल कार्ड में मिट्टी की सेहत की जानकारी मिलती है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 तक पूरे देश में लगभग 26 करोड़ सॉइल हेल्थ कार्ड (मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड) जारी किए जा चुके हैं.
उन्होंने किसानों से उर्वरकों का अंधाधुंध इस्तेमाल बंद करने का आग्रह किया, क्योंकि यूरिया और डीएपी (DAP) के ज्यादा इस्तेमाल से मिट्टी धीरे-धीरे खराब हो रही है.
चौहान ने कहा, "उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल के कारण हमारी मिट्टी की सेहत धीरे-धीरे बिगड़ रही है."
उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती आजमाने को भी कहा. "अगर सही तरीके से प्राकृतिक खेती की जाए, तो पैदावार कम नहीं होती."
चौहान ने कृषि क्षेत्र में हरियाणा के योगदान की तारीफ की. उन्होंने कहा, "यहां हरियाणा में 24 फसलों पर MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) दिया जाता है." उन्होंने आगे कहा कि 'भावंतर भरपाई योजना' के तहत किसानों को बागवानी फसलों के लिए उनकी मेहनत का पूरा दाम मिल रहा है.
उन्होंने कहा कि हरियाणा देश के अनाज भंडार भरता है. उन्होंने कहा, "एक समय था जब हमें अमेरिका से लाल गेहूं मंगाना पड़ता था. लेकिन आज, हरियाणा जैसे राज्यों की कोशिशों की वजह से देश का अनाज भंडार भरा हुआ है." उन्होंने कहा, "चावल के उत्पादन में भारत दुनिया में पहले नंबर पर आ गया है. हमने चीन को पीछे छोड़ दिया है. इस कृषि क्रांति में हरियाणा के किसानों ने बहुत अहम भूमिका निभाई है."
इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी मौजूद थे.
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