25 एकड़ में बनेगा ITL का ग्लोबल रिसर्च सेंटरउत्तर प्रदेश में कृषि और तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ा निवेश आने वाला है. International Tractors Limited (ITL) ग्रेटर नोएडा में 25 एकड़ जमीन पर अपना नया ग्लोबल रिसर्च एंड डेवलपमेंट यानी R&D सेंटर स्थापित करने की तैयारी कर रही है. ITL देश की प्रमुख ट्रैक्टर कंपनियों में शामिल है और अपने Sonalika Tractors ब्रांड के लिए जानी जाती है. कंपनी का कहना है कि इस नए सेंटर के जरिए किसानों की जरूरत के हिसाब से नई और आधुनिक कृषि तकनीक विकसित की जाएगी.
ITL का प्रस्तावित ग्लोबल R&D सेंटर एक ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट होगा. इसका मकसद खेती और ट्रैक्टर से जुड़ी ऐसी तकनीक विकसित करना है, जो भविष्य की जरूरतों को पूरा कर सके. कंपनी इसे एक आधुनिक इंजीनियरिंग और रिसर्च हब के रूप में विकसित करना चाहती है.
इस सेंटर में कृषि से जुड़ी नई तकनीकों, ट्रैक्टरों और दूसरे समाधान पर रिसर्च की जाएगी. कंपनी का जोर ऐसी तकनीक बनाने पर रहेगा, जो सिर्फ आधुनिक ही नहीं हो, बल्कि किसानों के लिए आसानी से इस्तेमाल करने लायक और उनकी वास्तविक जरूरतों के मुताबिक भी हो.
ग्रेटर नोएडा में इस R&D सेंटर की योजना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ITL प्रबंधन की बैठक के बाद सामने आई है. 14 अगस्त को लखनऊ में हुई इस मुलाकात में कंपनी ने उत्तर प्रदेश में अपने अगले चरण के विस्तार और कृषि क्षेत्र में तकनीकी विकास से जुड़ी अपनी योजना साझा की.
कंपनी के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से तकनीक और उद्योग आधारित निवेश के लिए एक महत्वपूर्ण जगह बन रहा है. ITL का यह नया प्रोजेक्ट भी इसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है.
ITL का कहना है कि नए R&D सेंटर में सिर्फ मशीनों और ट्रैक्टरों पर रिसर्च नहीं होगी, बल्कि किसानों से मिलने वाली जानकारी को भी तकनीक विकसित करने में शामिल किया जाएगा. इसका मतलब है कि किसान खेत में किन समस्याओं का सामना कर रहे हैं, उन्हें किस तरह की मशीन या सुविधा की जरूरत है और खेती को आसान बनाने के लिए क्या किया जा सकता है, इन बातों पर भी ध्यान दिया जाएगा.
कंपनी का लक्ष्य ऐसी कृषि तकनीक तैयार करना है, जिसे भारत के साथ-साथ दूसरे देशों के किसानों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सके. यानी ग्रेटर नोएडा में तैयार होने वाली तकनीक का इस्तेमाल भारतीय बाजार के अलावा वैश्विक बाजार में भी किया जा सकता है.
इस 25 एकड़ के R&D सेंटर से सिर्फ कृषि तकनीक को ही बढ़ावा मिलने की उम्मीद नहीं है. इससे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और तकनीकी विकास को भी गति मिल सकती है. कंपनी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के जरिए हाई-टेक इंजीनियरिंग, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं.
R&D सेंटर के विकसित होने से इंजीनियरिंग, रिसर्च, तकनीक और कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों के लिए काम के अवसर बढ़ सकते हैं. इसके साथ ही ग्रेटर नोएडा में कृषि मशीनरी और तकनीक से जुड़ा एक नया इनोवेशन इकोसिस्टम तैयार होने की उम्मीद है.
ITL पिछले करीब तीन दशकों से कृषि क्षेत्र में काम कर रही है. कंपनी अपने ‘Jeetne Ka DUM’ विजन के जरिए किसानों को बेहतर कृषि मशीनरी और तकनीक उपलब्ध कराने पर जोर देती रही है. अब 25 एकड़ का ग्लोबल R&D सेंटर कंपनी की इसी यात्रा को अगले स्तर पर ले जाने की योजना है.
कंपनी का मानना है कि खेती तेजी से बदल रही है और आने वाले समय में किसानों को ज्यादा स्मार्ट, आधुनिक और जरूरत के हिसाब से तैयार तकनीक की जरूरत होगी. ऐसे में नया R&D सेंटर भविष्य की कृषि जरूरतों को ध्यान में रखकर समाधान तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
ITL के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर रमन मित्तल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात को कंपनी के लिए महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा में 25 एकड़ का ग्लोबल R&D सेंटर स्थापित करना कृषि क्षेत्र में नई तकनीक के विकास की दिशा में बड़ा कदम है.
उन्होंने मुख्यमंत्री के समर्थन और प्रोत्साहन के लिए आभार जताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को तकनीक आधारित और प्रगतिशील राज्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री की सोच कंपनी को बड़े लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित करती है. कंपनी का लक्ष्य कृषि अनुसंधान और इनोवेशन के क्षेत्र में एक ऐसा संस्थान बनाना है, जिसकी पहचान भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया में हो.
रमन मित्तल ने कहा कि ITL का उद्देश्य ऐसी तकनीक विकसित करना है, जो किसानों को सशक्त बनाए, खेती को बदलने में मदद करे और कृषि क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा करे. उन्होंने कहा कि कंपनी उत्तर प्रदेश से भारत और दुनिया के लिए खेती का भविष्य तैयार करने की दिशा में काम करना चाहती है.
ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित यह R&D सेंटर आने वाले समय में कृषि मशीनरी, ट्रैक्टर तकनीक और किसान केंद्रित समाधानों के विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है. अगर परियोजना तय योजना के अनुसार आगे बढ़ती है, तो इससे उत्तर प्रदेश में कृषि तकनीक, रोजगार और औद्योगिक निवेश को एक साथ बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
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