50 हजार किसानों तक पहुंचेगी ये योजना, जानें कैसे मिलेगा इसका लाभ?

50 हजार किसानों तक पहुंचेगी ये योजना, जानें कैसे मिलेगा इसका लाभ?

डिजिटल ग्रीन और सिस्को इंडिया ने किसानों के लिए AI आधारित FarmerChat ऐप लॉन्च किया है. यह ऐप फसल प्रबंधन, कीट पहचान और मौसम के अनुसार खेती की आसान सलाह देता है, जिससे किसानों की पैदावार और आमदनी बढ़ेगी.

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50 हजार किसानों तक पहुंचेगी ये योजना, जानें कैसे मिलेगा इसका लाभ?अब किसान को मिलेगी AI से मदद

भारत के किसान देश की रीढ़ हैं. खेती आसान नहीं होती, क्योंकि मौसम बदलता रहता है, कीड़े लग जाते हैं और सही जानकारी समय पर नहीं मिल पाती. इन्हीं समस्याओं को हल करने के लिए डिजिटल ग्रीन और सिस्को इंडिया ने मिलकर एक नई और खास पहल शुरू की है. इस पहल में किसानों को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से खेती की सलाह दी जाएगी. इसमें आंध्र प्रदेश सरकार भी साथ दे रही है.

क्या है यह नई AI ऐप?

इस नई पहल के तहत किसानों के लिए एक मोबाइल ऐप शुरू किया गया है, जिसका नाम है FarmerChat. यह ऐप किसानों को उनकी फसल से जुड़ी आसान और सही जानकारी देता है. किसान इस ऐप में अपनी फसल की फोटो डाल सकते हैं. इसके बाद ऐप उन्हें बताता है कि फसल में कौन-सी समस्या है और उसका समाधान क्या है.
यह ऐप अलग-अलग भाषाओं में काम करता है, ताकि हर किसान इसे आसानी से समझ सके.

किसान कैसे उठाएंगे इसका फायदा

FarmerChat ऐप किसानों को यह बताता है कि फसल कैसे उगाएं, कब पानी दें, और कीड़ों से कैसे बचाएं. अगर फसल में कोई बीमारी लग जाती है, तो किसान उसकी फोटो लेकर ऐप में डाल सकते हैं. AI उस फोटो को देखकर तुरंत सलाह देता है. इससे किसान का समय भी बचेगा और पैसा भी.

50 हजार किसानों तक पहुंचेगी योजना

इस योजना का मकसद 50,000 किसानों तक पहुंचना है. इनमें से 25,000 किसानों को सीधे ऐप से जोड़ा जाएगा और बाकी 25,000 किसानों तक डिजिटल माध्यम से जानकारी दी जाएगी. खास बात यह है कि इसमें 60 प्रतिशत महिलाएं किसान होंगी.

यह योजना आंध्र प्रदेश के आठ जिलों में शुरू की गई है, जिनमें गुंटूर, पालनाडु, कुरनूल और अनंतपुर जैसे जिले शामिल हैं.

किसानों को सिखाएंगे सरकारी कर्मचारी

किसानों की मदद के लिए सरकार के 300 से ज्यादा कर्मचारी और कृषि से जुड़े लोग इस ऐप की ट्रेनिंग लेंगे. इनमें बागवानी और रेशम विभाग के कर्मचारी और पांच किसान उत्पादक संगठन (FPO) के सदस्य शामिल हैं.
ये लोग गांव-गांव जाकर किसानों को ऐप चलाना सिखाएंगे और उन्हें सीधे FarmerChat से जोड़ेंगे.

कहां और कैसे हुई शुरुआत

इस योजना की शुरुआत गुंटूर के पास चुट्टागुंटा में हुई. इसे बागवानी और रेशम विभाग के निदेशक के श्रीनिवासुलु ने लॉन्च किया. उन्होंने कहा कि इस ऐप से फसलों की पैदावार और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा.

किसानों की भाषा में समझाएगा AI

FarmerChat ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किसानों को कठिन बातें आसान भाषा में समझाता है. सिस्को इंडिया के अधिकारी हरिश कृष्णन ने कहा कि यह ऐप बड़े और मुश्किल आंकड़ों को छोटे-छोटे आसान सुझावों में बदल देता है, जिससे किसान उस पर भरोसा कर सकें.

बच्चों के लिए समझना आसान

अगर इसे बच्चों की भाषा में समझें, तो यह ऐप एक स्मार्ट दोस्त की तरह है. जैसे टीचर बच्चों को पढ़ाते हैं, वैसे ही FarmerChat किसानों को खेती सिखाता है. अगर पौधा बीमार हो जाए, तो यह दोस्त बता देता है कि दवा क्या है और कैसे लगानी है.

भविष्य में किसानों की मदद

यह पहल किसानों को नई तकनीक से जोड़ रही है. इससे किसान स्मार्ट बनेंगे, खेती आसान होगी और आमदनी बढ़ेगी. डिजिटल ग्रीन, सिस्को और सरकार मिलकर यह साबित कर रहे हैं कि तकनीक से खेती को भी आगे बढ़ाया जा सकता है.

FarmerChat ऐप किसानों के लिए एक नई रोशनी है. यह उन्हें सही समय पर सही सलाह देता है. इससे खेती आसान, सुरक्षित और फायदेमंद बनेगी. यह पहल छोटे किसानों के सपनों को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.

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