कपास में उच्च घनत्व रोपण प्रणाली का किया जा रहा परीक्षण. फोटो क्रेडिट: प्रो जयशंकर तेलंगाना राज्यकपास उत्पादन को बढ़ाने की दिशा में कृषि वैज्ञानिक, कृषि विवि के प्रोफेसर ने किसानों के साथ मिलकर एक सफल प्रयोग किया है. मसलन, तेलंगाना राज्य कृषि विश्वविद्यालय ने कपास का उत्पादन बढ़ाने के लिए एक तकनीक विकसित की है, इस तकनीक के माध्यम से अब किसान 30-50% तक कपास का उत्पादन को बढ़ा सकेंगे. यह तकनीक पारंपरिक तरीकों से हो रही कपास की खेती से बिल्कुल अलग है. प्रयोग में शामिल किसानों ने कहा है कि वे इस तकनीक की मदद से कपास की फसलों से अधिक उत्पादन देने में सक्षम हैं और आने वाले दिनों में उन्हें इससे अच्छा लाभ भी मिलेगा. क्या है ये तकनीक, किसान कैसे प्रयोग कर सकते हैं इस तकनीक, यहां जानते हैं.
तेलंगाना में कपास का उत्पादन बढ़ाने के लिए तेलंगाना राज्य कृषि विश्वविद्यालय (पीजेटीएसएयू) और राज्य कृषि मंत्रालय के वैज्ञानिकों ने तेलंगाना के 26 जिलों में लगभग 3,642 हेक्टेयर किसानों के खेतों में एचडीपीएस तकनीक का प्रयाेग किया. ये प्रयाेग सफल रहा है. जिसको लेकर किसान और कृषि वैज्ञानिकों में बहुत खुशी है.
तेलंगना के किसानों ने नई तकनीक से कपास के उत्पादन में बढ़ोतरी की है. जिसे हाई डेनस्टी प्लानटिंग सिस्टम (HDPS) का नाम दिया गया है. इस तकनीक की जानकारी देते हुए एक वैज्ञानिक ने बताया कि इसकी मदद से खेती करने का मतलब एक एकड़ जमीन में तीन एकड़ के जितना कपास उगाने जैसा है. यह परंपरागत खेती से बिलकुल है. परंपरागत खेती में किसान 3 से 4 तुड़ाई में जितना उत्पादन लेते हैं, वहीं पारंपरिक कपास के मुक़ाबले एचडीपीएस से एक तुड़ाई में ही उतना ही उत्पादन लिया जा सकता है, जिससे किसान नियमित रबी फसल से पहले कम अवधि की फसल ले सकते हैं.
इस तकनीक में किसानों को एक एकड़ में 7,000-8,000 पौधों के मुकाबले लगभग 21,000-22,000 पौधे लगाने होते हैं. इस प्रयोग के तहत एक समान फसल की ऊंचाई सुनिश्चित करने के लिए पौधों की ऊंचाई को एक स्प्रे के माध्यम से नियंत्रित किया जाता है. जिसका उद्देश्य फसल को सहीं ग्रोथ देना है, मतलब, फसल ना तो ज्यादा लंबी ना छोटी रह जाए. इस माध्यम का इस्तेमाल फसल कि कटाई को ध्यान में रखकर किया गाया ताकि कटाई के समय किसानों को आसानी हो.
अंग्रेज़ी अखबार बिज़नेस लाइन को प्रो जयशंकर तेलंगाना राज्य कृषि विश्वविद्यालय (PJTSAU) में अनुसंधान निदेशक आर जगदीश्वर ने बताया “हमने 26 जिलों में विभिन्न प्रदर्शन भूखंडों में लगभग 8,093 हेक्टेयर में कपास उगाने का लक्ष्य रखा है. हम इसे इस खरीफ में लगभग 9,000 एकड़ में उगा सकते हैं”.
भारत के लगभग 9.4 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्रफल में कपास की खेती की जाती है. वहीं अगर राज्यों की बात करें तो गुजरात, कर्नाटक, पंजाब, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश देश में कपास उत्पादन के मामले में अव्वल हैं, जो कुल मिलकर देश के कपास उत्पादन का लगभग 90 प्रतिशत उत्पादन करते हैं. तो वहीं देश के लगभग 60 प्रतिशत कपास का उत्पादन केवल तीन राज्यों गुजरात, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में होता है. अन्य प्रमुख उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश और हरियाणा इसमे शामिल हैं.
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