गेहूं में एनपीके और बोरॉन का छिड़काव जरूरीगेहूं की खेती में किसानों को बाली की लंबाई बढ़ाने और बाली में दानों की संख्या बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए. कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि इसके लिए किसानों को गेहूं की फसल में फॉस्फोरस और पोटाश का छिड़काव करना चाहिए. ये दोनों पोषक तत्व गेहूं में दाने बनाने में मदद करते हैं. साथ ही गेहूं की बालियां भी बड़ी और मजबूत होती हैं.
गेहूं में पोटाश और फॉस्फोरस की मात्रा को NPK के जरिये पूरी कर सकते हैं. यह सस्ती और आसानी से उपलब्ध होने वाली खाद है. साथ ही, किसानों को गेहूं में बोरॉन भी डालने की सलाह दी जाती है. इससे भी गेहूं की बालियों और दानों को पोषक तत्व मिलते हैं. बोरॉन के छिड़काव से गेहूं में पर-परागण में मदद मिलती है, जिससे फूल में अधिक दाने बनने की संभावना होती है.
किसानों को गेहूं में 100 लीटर पानी में 200 एमएल लिहोसिन डालने की सलाह दी जाती है. अगर पानी की मात्रा बढ़ती है तो लिहोसिन की मात्रा भी बढ़ानी होगी. टैबूकोनाजोल 0.1% 100 लीटर पानी में 100 एमएल मिलाकर छिड़काव करें. किसान एनपीके का छिड़काव एक किलो प्रति एकड़ कर सकते हैं. अगर खेत में 150 लीटर पानी इस्तेमाल करते हैं तो उसमें डेढ़ किलो एनपीके डाल सकते हैं. बोरॉन का छिड़काव 100 ग्राम प्रति एकड़ की दर से कर सकते हैं.
किसानों को ध्यान रखना चाहिए कि गेहूं की बंपर पैदावार के लिए ये सभी पोषक तत्व स्प्रे के द्वारा ही देना चाहिए. कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, किसानों को गेहूं की फसल में लिहोसिन, टैबूकोनाजोल, एनपीके और बोरॉन का स्प्रे करना चाहिए जिससे कि समय के साथ अधिक उपज मिल सके.
इन सभी पोषक तत्वों को साथ मिलाकर भी स्प्रे कर सकते हैं और अलग-अलग भी. किसानों को एनपीके और बोरॉन साथ में छिड़कने की सलाह दी जाती है. हालांकि जब घोल मिलाएं तो सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि केमिकल मिलाने पर कभी-कभी उसका घोल फट जाता है, घोल कभी ठंडा तो कभी गर्म हो जाता है. इससे उसकी क्वालिटी खराब हो सकती है और फसल पर बुरा असर भी पड़ सकता है.
किसानों को बोरॉन का अधिक छिड़काव करने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह कम मात्रा में भी अधिक काम करता है. किसान जब भी इन पोषक तत्वों को मिलाकर छिड़काव करें, उससे पहले एक बार चेक करना जरूरी है कि सभी केमिकल को मिलाने पर उसकी क्वालिटी में कोई गिरावट तो नहीं आ रही है. अगर घोल फट जाए, ठंडा या गरम हो जाए तो किसानों को छिड़काव से पहले सावधान हो जाना चाहिए.
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