धान खरीद के लिए केंद्रीय मंत्री जोशी से मिले सीएम रेड्डीतेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और राज्य के नागरिक आपूर्ति मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने शुक्रवार को केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी से यासंगी (रबी) सीजन के लिए राज्य से 30 लाख मीट्रिक टन (LMT) उबले चावल की खरीद करने की मांग की. तेलंगाना में बड़े पैमाने पर धान की खेती होती है जो किसानों की कमाई का बड़ा साधन है.
दिल्ली में केंद्रीय मंत्री के आवास पर हुई एक बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने बताया कि यासंगी सीजन के दौरान तेलंगाना में उगाए गए धान उबले चावल की मिलिंग के लिए बहुत उपयुक्त है. उन्होंने बताया कि पिछले छह यासंगी सीजन के कस्टम मिल्ड राइस (CMR) की सप्लाई के आंकड़े ये बताते हैं कि तेलंगाना के इस चावल की बहुत मांग है.
CM ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि मौजूदा यासंगी सीजन में तेलंगाना में लगभग 90 लाख मीट्रिक टन धान का उत्पादन होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि राज्य 5% टूटे हुए दाने वाले 30 लाख मीट्रिक टन उबले चावल और 10% टूटे हुए दाने वाले 5 लाख मीट्रिक टन कच्चे चावल की सप्लाई करने के लिए तैयार है. पूरे देश में उबले चावल की बढ़ती मांग को देखते हुए, राज्य के नेताओं ने केंद्र से खरीद बढ़ाने का अनुरोध किया. केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी.
मुख्यमंत्री और उत्तम कुमार रेड्डी ने 2014-15 के खरीफ सीजन में लेवी के रूप में जुटाए गए 1,468.94 करोड़ रुपये के बकाया को तुरंत जारी करने का भी अनुरोध किया. उन्होंने बताया कि तेलंगाना धान उगाने और खरीद के मामले में अग्रणी राज्यों में से एक है और किसानों को खरीद के 48 घंटों के भीतर ही भुगतान कर दिया जाता है. उन्होंने केंद्र से बकाया राशि को जल्द जारी करने का आग्रह किया ताकि राज्य के राशन वितरण पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सके.
इसके अलावा, राज्य के नेताओं ने स्कूलों, छात्रावासों और ICDS के तहत फोर्टिफाइड राइस कर्नल्स (FRK) बांटने को फिर से शुरू करने की अपील की, ताकि बच्चों में एनीमिया और पोषण संबंधी कमियों को दूर किया जा सके. उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम को हाल ही में बंद कर दिया गया था.
इस बैठक में वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे, जिनमें दिल्ली में तेलंगाना के विशेष प्रतिनिधि ए.पी. जितेंद्र रेड्डी, सचिव (समन्वय) अद्वैत सिंह और केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के अधिकारी शामिल थे.
तेलंगाना भारत में धान का उगाने वाला एक प्रमुख राज्य बन गया है. कालेश्वरम जैसी सिंचाई परियोजनाओं की मदद से, राज्य ने रिकॉर्ड पैदावार हासिल करते हुए 153 लाख मीट्रिक टन से अधिक उत्पादन किया है. इस राज्य में खरीफ (वानकलम) और रबी (यासंगी) दोनों मौसमों में धान होता है, और इन दोनों ही मौसमों में किसानों से खरीद की कोशिश की जाती है. हालांकि, सरकार वर्तमान में पानी के उपयोग को कम करने और अलग-अलग फसलों की बुवाई बढ़ाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर रही है.(अब्दुल बशीर की रिपोर्ट)
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