जालना में आग से किसान को भारी नुकसान, डेढ़ एकड़ गेहूं की फसल राख

जालना में आग से किसान को भारी नुकसान, डेढ़ एकड़ गेहूं की फसल राख

जालना जिले में शॉर्ट सर्किट की वजह से गेहूं की खड़ी फसल में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है. जानकारी के अनुसार, आग लगते ही कुछ ही मिनटों में आग की लपटों ने पूरे खेत को अपनी चपेट में ले लिया.

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जालना में आग से किसान को भारी नुकसान, डेढ़ एकड़ गेहूं की फसल राखगेहूं की फसल राख

महाराष्ट्र के जालना जिले में शॉर्ट सर्किट की वजह से गेहूं की खड़ी फसल में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है. इस हादसे में किसान को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है. यह घटना जालना जिले के मंठा तहसील के केहाल वडगांव गांव में हुई है. जानकारी के अनुसार, केहाल वडगांव के किसान शिवाजी चंदू राठोड के खेत में खड़ी गेहूं की फसल में अचानक आग लग गई. बताया जा रहा है कि खेत के ऊपर से गुजर रही बिजली की लाइन में हुए शॉर्ट सर्किट के कारण यह आग लगी.

गेहूं की खड़ी फसल जलकर हुई राख

जानकारी के अनुसार, आग लगते ही कुछ ही मिनटों में आग की लपटों ने पूरे खेत को अपनी चपेट में ले लिया. किसान शिवाजी राठोड ने अपने गट नंबर 219 में करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर गेहूं की खेती की थी. इस साल फसल भी अच्छी तैयार हुई थी और कटाई के लिए लगभग तैयार थी. लेकिन अचानक लगी इस आग ने उनकी पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया और देखते ही देखते पूरी खड़ी फसल जलकर राख हो गई.

आग से किसान को भारी नुकसान

आग लगने की जानकारी मिलते ही आसपास के खेतों में काम कर रहे किसानों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने की कोशिश की. किसानों ने पानी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक करीब डेढ़ एकड़ क्षेत्र में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह जल चुकी थी. इस घटना में किसान शिवाजी राठोड को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है. घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है.

किसान ने की मुआवजे की मांग

नुकसानग्रस्त किसान ने प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का पंचनामा कराकर उन्हें जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए. साथ ही किसानों ने बिजली विभाग से भी मांग की है कि गांव और खेतों के ऊपर से गुजर रही बिजली की लाइनों की नियमित जांच की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके. वहीं स्थानीय किसानों का कहना है कि गर्मी के मौसम में खेतों में सूखी फसल और बिजली की खराब लाइनों की वजह से आग लगने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए समय रहते जरूरी कदम उठाना बेहद जरूरी है. (गौरव विजय साली की रिपोर्ट)

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