लखनऊ के मलिहाबाद 'दशहरी आम' की जल्द होगी बाजार में एंट्री, लेकिन सामने आई चौंकाने वाली बात

लखनऊ के मलिहाबाद 'दशहरी आम' की जल्द होगी बाजार में एंट्री, लेकिन सामने आई चौंकाने वाली बात

Mango Story: अवध आम उत्पादक एवं बागवानी समिति के महासचिव उपेंद्र सिंह ने बताया कि लखनऊ के मलिहाबाद के दशहरी आमों की मांग न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी तेजी से बढ़ी है. क्योंकि अब किसान कार्बाइड और कीटनाशक का प्रयोग कम हो रहा है. आम की फसल पर बैगिंग काफी फायदेमंद साबित हो रही हैं.

Advertisement
लखनऊ के मलिहाबाद 'दशहरी आम' की जल्द होगी बाजार में एंट्री, लेकिन सामने आई चौंकाने वाली बातबारिश के कारण बौरों के झड़ने और फंगस लगने का खतरा बढ़ा (File Photo)

Malihabad Mango Story: उत्तर प्रदेश के मलिहाबाद का दशहरी खास आम है. इसका गूदा रेशेदार नहीं होता और स्वाद काफी मीठा होता है. यह भारत के साथ-साथ विदेशों में भी खूब पसंद किया जाता है. इसी क्रम में अवध आम उत्पादक एवं बागवानी समिति के महासचिव उपेंद्र सिंह ने इंडिया टुडे के किसान तक से बातचीत में बताया कि लखनऊ, सहारनपुर समेत कई जिलों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल प्रभावित होने के कारण आम के उत्पादन पर बहुत बड़ा असर पड़ा है. क्योंकि बारिश के कारण बौरों के झड़ने और उनमें फंगस लगने का खतरा बढ़ जाता है. बारिश के कारण बढ़ी नमी आम की फसल के लिए खतरे के समान है. अगर धूप नहीं खिली तो 30 प्रतिशत तक फसल बर्बाद हो सकती है. 

बागवान ने बड़ी संख्या में की आम पर बैगिंग

उन्होंने बताया कि अगले एक महीने के अंदर लखनऊ समेत देश के अलग-अलग राज्यों में मलिहाबाद के दशहरी आम का स्वाद चखने के लिए मिलेगा. क्योंकि इस बार बड़ी संख्या में आमों की बैगिंग हुई है, इस वजह से आम की गुणवत्ता बहुत अच्छी होने की उम्मीद है और दशहरी आम इस बार अच्छी कीमतों पर भी बिकेगा.

सहारनपुर जिले में आम की फसल हुई ज्यादा बर्बाद

उपेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि सहारनपुर जिले में ओलावृष्टि अधिक होने के कारण आम की फसल ज्यादा बर्बाद हो गई है. वहीं किसानों का फसल बीमा न होने के कारण मुआवजा भी नहीं मिल पाता हैं. उन्होंने बताया कि बागवानों की तरफ से प्रयास किया जा रहा है.

कार्बाइड और कीटनाशक का प्रयोग कम करने के लिए जागरूकता अभियान
अवध आम उत्पादक एवं बागवानी समिति के महासचिव उपेंद्र सिंह

आने वाले कुछ ही दिनों में मार्केट में मलिहाबाद का दशहरी आम पहुंच जाएगा. सिंह ने आगे बताया कि 25 मई से आम को तोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी. इसलिए 25 मई से लेकर 5 जून के बीच यह आम मार्केट में पहुंच जाएगा. लेकिन असली स्वाद जून के पहले हफ्ते में ही मिलेगा. 

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी तेजी से बढ़ी मांग

अवध आम उत्पादक एवं बागवानी समिति के महासचिव उपेंद्र सिंह ने बताया कि लखनऊ के मलिहाबाद के दशहरी आमों की मांग न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी तेजी से बढ़ी है. क्योंकि अब किसान कार्बाइड और कीटनाशक का प्रयोग कम हो रहा है. आम की फसल पर बैगिंग काफी फायदेमंद साबित हो रही हैं. इसलिए आम का स्वाद बहुत मीठा होता है.वहीं कीटनाशक का प्रयोग कम करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाता है.

उन्होंने बताया कि मलिहाबाद से दशहरी आम अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी, न्यूयॉर्क, कैलिफोर्निया और सैन फ्रांसिस्को जैसे शहरों में निर्यात किए गए. इसके अलावा, खाड़ी देशों, यूरोप और सिंगापुर में भी मलिहाबाद के आमों की अधिक डिमांड है.

दशहरी आम को मिली पहचान

गौरतलब है कि दशहरी आम को जियोग्राफिकल इंडिकेशन (GI टैग) प्राप्त है, जो इसकी विशिष्टता और गुणवत्ता को दर्शाता है. मलिहाबाद दशहरी की खेती का केंद्र है और यहां के किसान दशकों से आम की बागवानी से जुड़े हैं. अब सरकार की पहल से इस क्षेत्र के किसानों को वैश्विक बाजार में नई उम्मीदें मिल रही हैं.

ये भी पढ़ें

जलवायु परिवर्तन का असर: आम की पैदावार और मिठास पर मंडराया खतरा, बचाव में करें ये 5 उपाय

बेमौसम बारिश से गेहूं को नुकसान: क्या सरकार देगी नमी और क्वालिटी शर्तों में राहत?

POST A COMMENT