कोहरे और शीतलहर से परेशान न हों किसान, कृषि एक्सपर्ट से जानें गेहूं को क्या होगा फायदा

कोहरे और शीतलहर से परेशान न हों किसान, कृषि एक्सपर्ट से जानें गेहूं को क्या होगा फायदा

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले कुछ दिनों तक हरियाणा में बहुत घने कोहरे और शुष्क मौसम रहने की भविष्यवाणी की है. वहीं, कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय गेहूं की फसल को विकास करने के लिए कम तापमान की जरूरत होती है.

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कोहरे और शीतलहर से परेशान न हों किसान, कृषि एक्सपर्ट से जानें गेहूं को क्या होगा फायदाकोहरे और शीतलहर का रबी फसल पर नहीं होगा असर. (सांकेतिक फोटो)

नए साल के आगमन के साथ ही उत्तर भारत के राज्यों में कड़ाके की ठंड पड़नी शुरू हो गई है. खास कर हरियाणा के कई इलाकों में कोहरे के साथ- साथ शीतलहर का प्रकोप भी देखने को मिल रहा है. इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. उन्हें डर सताने लगा है कि कोहरे और शीतलहर की वजह से उनकी रबी फसल को नुकसान न पहुंच जाए. लेकिन किसानों को ठंड को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है. कृषि एक्सपर्ट का कहना है कि कोहरे और भीषण ठंड से रबी फसल पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है. खास कर गेहूं की फसल के लिए यह ठंड बहुत ही फायदेमंद साबित हो सकता है.

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले कुछ दिनों तक हरियाणा में बहुत घने कोहरे और शुष्क मौसम रहने की भविष्यवाणी की है. वहीं, कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय गेहूं की फसल को विकास करने के लिए कम तापमान की जरूरत होती है. इसलिए यह ठंड गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है. चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) के गेहूं वैज्ञानिक ओम प्रकाश बिश्नोई ने कहा कि जो किसान कुछ दिन पहले तक अधिक तापमान को लेकर चिंतित थे, अब उन्हें टेंपरेचर में गिरावट से काफी राहत मिली है.

इस प्रक्रिया को धीमा कर दिया है

उन्होंने कहा कि औसत से अधिक तापमान के कारण अगेती बोई गई गेहूं की फसल में बालियां आना शुरू हो गई हैं. लेकिन दिन और रात के तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट ने इस प्रक्रिया को धीमा कर दिया है. इसके चलते पौधों को गेहूं के दाने को पकने के लिए अधिक समय मिलेगा, क्योंकि बालियों के जल्दी निकलने से दाने कमजोर हो सकते हैं. हालांकि, ओम प्रकाश बिश्नोई ने कहा कि पाले से सरसों की फसल को नुकसान हो सकता है.

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इससे फसलों को नुकसान नहीं पहुंचेगा

बिश्नोई ने कहा कि शुष्क मौसम के प्रभाव से बचाने के लिए किसानों को सरसों और गेहूं के खेत में हल्की सिंचाई करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि किसानों को गेहूं की खड़ी फसल पर जिंक सल्फेट और यूरिया का संतुलित छिड़काव करना चाहिए. उन्होंने कहा कि हालांकि कुछ कारणों से कुछ पौधों के पीले होने की कुछ शिकायतें मिली हैं. लेकिन अभी रबी की फसल में कोई बीमारी नहीं है. कुछ क्षेत्रों में जहां मिट्टी में सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी है, इसका असर गेहूं की फसल पर पड़ सकता है. लेकिन किसानों को एचएयू द्वारा जारी की गई सलाह का पालन करना चाहिए. इससे फसलों को नुकसान नहीं पहुंचेगा.

दिन में 13.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया

हरियाणा  में सबसे कम तापमान भिवानी में 6.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. भिवानी में भी अधिकतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम दिन का तापमान था. हिसार जिले के बालसमंद में रात में न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस और दिन में 13.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

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