फसल उत्पादन अग्रिम अनुमान (सांकेतिक तस्वीर)कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने वर्ष 2025-26 के लिए प्रमुख कृषि फसलों के दूसरे अग्रिम उत्पादन अनुमान जारी कर दिए हैं. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन अनुमानों को मंजूरी देते हुए कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में सुधार और नई पहलों के कारण उत्पादन में सकारात्मक बढ़ोतरी दिखाई दे रही है.
एक बयान के मुताबिक, दूसरे अग्रिम अनुमान सिर्फ खरीफ और रबी सीजन के आधार पर तैयार किए गए हैं. राज्यों से मिले फसल क्षेत्र के आंकड़ों को रिमोट सेंसिंग, साप्ताहिक फसल मौसम निगरानी समूह और अन्य एजेंसियों की जानकारी से सत्यापित किया गया है, जबकि उपज के अनुमान फसल कटाई प्रयोग, पिछले वर्षों के रुझान और अन्य कारकों के आधार पर लगाए गए हैं. वहीं ग्रीष्मकालीन यानी जायद फसलों को अगले यानी तीसरे अग्रिम अनुमान में शामिल किया जाएगा.
ताजा अनुमानों के मुताबिक, वर्ष 2025-26 में खरीफ खाद्यान्न उत्पादन 1741.44 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है, जबकि रबी खाद्यान्न उत्पादन 1745.13 लाख मीट्रिक टन आंका गया है. यह पिछले वर्ष के मुकाबले उल्लेखनीय वृद्धि है. पिछले वर्ष खरीफ खाद्यान्न उत्पादन 1694.60 लाख मीट्रिक टन और रबी खाद्यान्न उत्पादन 1691.66 लाख मीट्रिक टन रहा था.
दूसरे अग्रिम अनुमान में धान उत्पादन के मामले में भी बेहतर प्रदर्शन की संभावना जताई गई है. खरीफ धान का उत्पादन 1239.28 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है. वहीं, रबी धान का उत्पादन 167.20 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान लगाया गया है. गेहूं के उत्पादन में भी बढ़ोतरी का संकेत मिला है और इसका अनुमान 1202.10 लाख मीट्रिक टन लगाया गया है, जो पिछले वर्ष के उत्पादन से अधिक है.
पोषक और मोटे अनाजों में भी वृद्धि दर्ज होने का अनुमान है. खरीफ मक्का का उत्पादन 302.47 लाख मीट्रिक टन और रबी मक्का का उत्पादन 159.03 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है. वहीं, खरीफ श्री अन्न का उत्पादन 123.43 लाख मीट्रिक टन और रबी श्री अन्न का उत्पादन 30.98 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है.
दलहन फसलों में तूर का उत्पादन 34.55 लाख मीट्रिक टन, चने का उत्पादन 117.92 लाख मीट्रिक टन और मसूर का उत्पादन 17.33 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान लगाया गया है. वहीं, तिलहन फसलों में खरीफ मूंगफली का उत्पादन 112.94 लाख मीट्रिक टन और रबी मूंगफली का उत्पादन 7.97 लाख मीट्रिक टन रहने की संभावना है. सोयाबीन का उत्पादन 127.20 लाख मीट्रिक टन और रेपसीड-सरसों का उत्पादन 133.31 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान लगाया गया है.
इसके अलावा गन्ने का उत्पादन 5001.97 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है. कपास का उत्पादन 290.91 लाख गांठ और जूट का उत्पादन 81.27 लाख गांठ रहने की संभावना जताई गई है.
मंत्रालय ने कहा है कि खरीफ फसलों के उत्पादन अनुमान फसल कटाई प्रयोगों पर आधारित हैं, जबकि कुछ फसलों की कटाई के आंकड़े अभी भी एकत्र किए जा रहे हैं. वहीं, रबी फसलों के उत्पादन अनुमान औसत उपज के आधार पर लगाए गए हैं, इसलिए आगामी अग्रिम अनुमानों में इन आंकड़ों में बदलाव संभव है.
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