ई-क्रॉप रजिस्ट्रेशन (सांकेतिक तस्वीर)महाराष्ट्र में किसानों को ई-क्रॉप बुवाई पंजीकरण के दौरान आने वाली तकनीकी परेशानियों को दूर करने के लिए सरकार ने नई सुविधा शुरू की है. अब किसान बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी अपनी खड़ी फसल की फोटो लेकर पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे. नेटवर्क उपलब्ध होते ही ये तस्वीरें स्वतः सिस्टम पर अपलोड हो जाएंगी. राज्य विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में विधायक अनिल पाटिल के सवाल के जवाब में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने यह जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की कमी, सर्वर डाउन रहने और जीपीएस से जुड़ी समस्याओं के कारण किसानों को ई-क्रॉप सॉइंग रजिस्ट्रेशन में दिक्कतें आ रही थीं. इन चुनौतियों को देखते हुए अब डिजिटल क्रॉप सर्वे यानी DCS सिस्टम को सक्रिय किया गया है.
मंत्री के अनुसार इस नई व्यवस्था के तहत किसान अपने मोबाइल फोन से ऑफलाइन मोड में फसल की फोटो कैप्चर कर सकेंगे. इंटरनेट कनेक्शन मिलने पर तस्वीरें अपने आप सरकारी पोर्टल पर अपलोड हो जाएंगी. इससे कमजोर नेटवर्क वाले इलाकों में भी किसानों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया आसान हो जाएगी और उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.
सरकार का लक्ष्य है कि ई-क्रॉप पंजीकरण का लगभग 80 प्रतिशत काम किसान खुद अपने मोबाइल के माध्यम से पूरा करें. बाकी मामलों में राजस्व विभाग की मदद ली जाएगी. यदि किसी किसान को तकनीकी कारणों से पंजीकरण करने में समस्या आती है तो गांव स्तर के राजस्व अधिकारी जैसे तलाठी और राजस्व सहायक इस प्रक्रिया में सहयोग करेंगे.
बावनकुले ने यह भी बताया कि किसानों को बुवाई के बाद 55 दिनों के भीतर ई-क्रॉप सॉइंग रजिस्ट्रेशन पूरा करना होता है. यदि निर्धारित अवधि में किसान यह प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाते हैं तो आगे की औपचारिकताएं विभाग द्वारा पूरी की जाती हैं.
मंत्री ने माना कि ई-क्रॉप सिस्टम केंद्र सरकार के प्लेटफॉर्म पर आधारित है, इसलिए राज्य स्तर पर कुछ तकनीकी सीमाएं भी हैं. इसके बावजूद सरकार लगातार सुधार की दिशा में काम कर रही है ताकि किसानों को कम से कम परेशानी हो और फसल से जुड़ा डेटा समय पर दर्ज किया जा सके.
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